
सोनम वांगचुक से मेदांता में मिले जेपी नड्डा, क्या शुरू हुई बातचीत?
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मुलाकात की, जिससे सरकार और वांगचुक के बीच बातचीत की अटकलें तेज हो गई हैं।
अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, दोनों केंद्रीय मंत्री वांगचुक का हालचाल जानने और उनसे बातचीत करने के लिए अस्पताल पहुंचे। इस मुलाकात को सरकार की ओर से बातचीत की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश पर मेदांता में भर्ती
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। अदालत ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह आदेश दिया था।
पत्नी की याचिका पर हुई थी सुनवाई
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल भेजने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद तत्काल उन्हें मेदांता स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।
मेडिकल रिपोर्ट में स्वास्थ्य को लेकर चिंता
सुनवाई के दौरान एम्स और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने अदालत को बताया कि वांगचुक के शरीर में पोटेशियम का स्तर सामान्य से कम है। इसके अलावा उनकी टीएलसी (टोटल ल्यूकोसाइट काउंट) रिपोर्ट को लेकर भी चिकित्सकों ने चिंता जताई। डॉक्टरों की राय के आधार पर अदालत ने माना कि उन्हें उच्च स्तरीय चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है।
सरकार ने नहीं जताई कोई आपत्ति
मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद अदालत ने तत्काल स्थानांतरण का आदेश दिया।
28 जून से जारी है भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक 28 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांग देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है। वे NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा छात्रों के मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

