महाराष्ट्र: आश्रम स्कूलों में 2 साल में 584 मौतें, गढ़चिरौली पर बड़ा एक्शन
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महाराष्ट्र: आश्रम स्कूलों में 2 साल में 584 मौतें, गढ़चिरौली पर बड़ा एक्शन

महाराष्ट्र के सरकारी और एडेड आश्रम स्कूलों में 2 साल के भीतर 584 बच्चों की मौत। गढ़चिरौली सांप काटने की घटना के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस का कड़ा एक्शन।


Maharashtra: महाराष्ट्र के सरकारी और अनुदान प्राप्त (Government-Aided) आश्रम स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा पर एक बेहद गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में राज्य भर के आवासीय विद्यालयों में औसतन हर दिन लगभग एक छात्र की मौत हुई है। 2024 से 2026 के बीच कुल 584 छात्रों की जान गई है।


हाल ही में गढ़चिरौली जिले के एक आवासीय विद्यालय हॉस्टल में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की हुई दुखद मौत के बाद उठे जनआक्रोश को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार हरकत में आई है और राज्य भर के सभी आश्रम स्कूलों के सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए हैं।

मौतों के आंकड़े और विभागीय रिपोर्ट
आदिवासी विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में कुल 500 सरकारी और 513 अनुदान प्राप्त आश्रम स्कूल संचालित हैं।

सरकारी बनाम अनुदान प्राप्त स्कूल
सरकारी आश्रम स्कूल: पिछले दो वर्षों में कुल 384 छात्रों की मौत हुई।

वर्ष 2024-25: 170 छात्रों की मृत्यु (36 स्कूल परिसर में, 134 घर पर)।

वर्ष 2025-26: 214 छात्रों की मृत्यु।

अनुदान प्राप्त आश्रम स्कूल: पिछले दो वर्षों में कुल 200 छात्रों की मौत हुई।

वर्ष 2024-25: 81 छात्रों की मृत्यु।

वर्ष 2025-26: 119 छात्रों की मृत्यु (30 स्कूल परिसर में, 170 घर पर)।

अधिकारियों के मुताबिक, मौतों के मुख्य कारणों में विषैले जीवों का काटना (Snakebites), सिकल सेल बीमारी (Sickle Cell Disease), गंभीर बीमारियां, दुर्घटनाएं और आत्महत्याएं शामिल हैं।

गढ़चिरौली में हादसा और सरकार का कड़ा एक्शन
गढ़चिरौली जिले के धानोरा तालुका से लगभग 10 किलोमीटर दूर जप तलाई स्थित एक अनुदान प्राप्त आदिवासी आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में 9 अगस्त की आधी रात को एक विषैले सांप ने 6 आदिवासी छात्राओं को काट लिया। इलाज के दौरान तीन छात्राओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य का इलाज जारी है।

इस घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाते हुए उक्त सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय विद्यालय का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही राज्य के सभी 1,013 आश्रम स्कूलों की सुरक्षा स्थिति का व्यापक ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है।

विपक्षी कांग्रेस का आरोप और राजनीतिक घमासान
इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी के कारण दूरदराज के इलाकों में रहने वाले गरीब और आदिवासी बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

(हेडलाइन को छोड़कर, इस स्टोरी को द फेडरल स्टाफ ने एडिट नहीं किया है और यह सिंडिकेटेड फ़ीड से ऑटो-पब्लिश की गई है।)



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