
एथेनॉल पेट्रोल को बताया 'गन्ने का रस', राहुल-अखिलेश को कहा 'अंकल' : मायावती के भतीजे ने खोला मोर्चा
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस में दो साल बाद चुनावी रैली को संबोधित किया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा मैदान में उतर गई है। बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस में दो साल बाद चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में कई मुद्दों पर बात की, लेकिन खास बात यह रही कि जहाँ उनकी बुआ भाजपा की सधी हुई भाषा में आलोचना करती हैं, वहीं भतीजे के तेवर खासे तल्ख रहे। हालाँकि बसपा प्रमुख मायावती की तरह ही आनंद भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की बेहद तीखी आलोचना करते नज़र आए। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहकर पुकारा।
एथेनॉल पेट्रोल के मुद्दे पर आनंद ने कहा, “एथेनॉल पेट्रोल के नाम पर 110 रुपये में गन्ने का रस बेच रहे हैं। दूसरों के काम पर अपना झंडा लगाना इनकी आदत है। काम किसी और का, फीता ये लोग काटते हैं। ये हाल तब है, जब डबल इंजन की सरकार है।” उन्होंने आगे कहा, “देश में सबसे बेकार एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इसके उदाहरण हैं। दूसरी तरफ़ नोएडा और आगरा का एक्सप्रेसवे देख लें। इतने साल बाद भी एक भी गड्ढा नहीं है। उसी से होकर दिल्ली आते हैं। मायावती जी के शासन में यह बना था।”
अंकल नहीं कहूंगा तो और क्या कहूंगा
आकाश ने कहा, "मैं 30 साल का हूँ। अखिलेश जी 50 साल के हैं। मैं 50 साल के वृद्ध को अंकल नहीं कहूँगा तो और क्या कहूँगा। वहीं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “राहुल अंकल एक किताब लेकर घूमते हैं। वो संविधान की बात करते हैं। अगर वो किताब पलट दी जाए तो पता चलेगा कि उसके पन्ने तो खाली हैं। वो संसद में संविधान की बात करते हैं। लेकिन जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, उन राज्यों में ये लोग वही काम कर रहे हैं, जो काम भाजपा उत्तर प्रदेश में कर रही है।”
बता दें, बसपा को 2022 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ़ एक सीट मिली थी। हाल ही में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया। ऐसे में अब बसपा का विधानसभा में कोई विधायक नहीं है। लोकसभा चुनाव की बात करें तो 2024 में बसपा एक भी सीट नहीं जीत पाई। उसका वोट प्रतिशत 2019 के 19.43% से घटकर 9.35% रह गया। यह विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत से भी क़रीब 3% कम था। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने 10 सीटें जीती थीं।

