
तेल कीमतों में उछाल से बाजार पर दबाव, सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार दबाव में आ गया। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा और निफ्टी 24,300 के नीचे फिसल गया।
पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में कारोबार करते नजर आए।
सुबह करीब 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 523.08 अंक यानी 0.67 फीसदी की गिरावट के साथ 77,657.64 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 159 अंक यानी 0.65 फीसदी टूटकर 24,239.70 अंक पर आ गया और 24,300 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये पर दबाव दिखाई दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 0.2 फीसदी की गिरावट के साथ 95.1725 पर खुला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 0.46 फीसदी की मजबूती के साथ 94.9675 पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। सबसे अधिक दबाव इंडिगो के शेयरों पर रहा, जिसमें 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), टाटा स्टील और बजाज फिनसर्व के शेयरों में भी उल्लेखनीय कमजोरी देखी गई।
हालांकि, कुछ आईटी और फार्मा शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा दिया। सन फार्मा, एचसीएल टेक, टीसीएस, इन्फोसिस और ट्रेंट के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में भी कमजोरी का माहौल रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.39 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.55 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑयल एंड गैस में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली, जबकि निफ्टी फार्मा बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर हमले और तेल कारोबार पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 2.56 फीसदी की बढ़त के साथ 76.06 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बढ़ती तेल कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता का असर भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

