
SIR पर नवीन पटनायक का बड़ा हमला, CEC ज्ञानेश कुमार का मांगा इस्तीफा
BJD ने ओडिशा की मतदाता सूची में बड़े बदलाव और लाखों पात्र मतदाताओं के नाम बाहर होने का आरोप लगाते हुए SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
ओडिशा में मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। बीजू जनता दल के अध्यक्ष और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने SIR की पूरी प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा करने की मांग उठाई है।
पटनायक ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच सामने आए मतभेदों को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि BJD शुरुआत से ही मौजूदा SIR प्रक्रिया का विरोध करती रही है और पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट
यह विवाद उस मीडिया रिपोर्ट के बाद बढ़ा, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर अलग-अलग मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। ये मुद्दे मतदाता सूची से नाम जोड़ने और हटाने, नए मतदाताओं के फॉर्म में बदलाव और मतदाता डेटा तक पहुंच से जुड़े थे।
हालांकि चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया है। आयोग के मुताबिक दोनों चुनाव आयुक्तों ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय और आपत्तियां जरूर रखी थीं, लेकिन SIR से जुड़े अंतिम फैसले तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए। यानी आयोग ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया कि अंतिम निर्णय मुख्य चुनाव आयुक्त ने अकेले लिए थे।
ओडिशा में BJD ने क्या आरोप लगाए?
BJD पहले से ओडिशा में SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान 25 लाख से ज्यादा पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए। हालांकि यह BJD का दावा है और इसे चुनाव आयोग की ओर से इसी रूप में स्वीकार नहीं किया गया है।
BJD के वरिष्ठ महासचिव भृगु बक्सीपात्र ने हाल में मतदाताओं की संख्या में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए थे। पार्टी के मुताबिक 2024 के चुनाव से पहले ओडिशा में करीब 3.26 करोड़ मतदाता थे। चुनाव के दौरान यह संख्या 3.32 करोड़ और कुछ दिनों बाद 3.36 करोड़ बताई गई। BJD का कहना है कि 2025 तक संख्या 3.40 करोड़ तक पहुंच गई थी।
अंतिम मतदाता सूची में 3.16 करोड़ नाम
BJD का आरोप है कि SIR शुरू होने से पहले राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने केवल करीब 3.16 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग की और लगभग 25 लाख मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए। दूसरी ओर, ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आरएस गोपालन ने 21 सितंबर को राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी की, जिसमें करीब 3.16 करोड़ नाम दर्ज हैं।

