CJP प्रोटेस्ट : दिल्ली सरकार का दावा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज 13 FIR होंगी बंद
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CJP प्रोटेस्ट : दिल्ली सरकार का दावा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज 13 FIR होंगी बंद

CJP Protest FIR Relief: दिल्ली सरकार और LG का बड़ा फैसला। नीट प्रदर्शन में दर्ज 13 FIR पर दंडात्मक कार्रवाई रद्द, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू।


Delhi Government On CJP Protest: NEET (UG) परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ राजधानी की सड़कों पर उतरे छात्रों और प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग और उपराज्यपाल (LG) ने एक साझा और अहम फैसला लेते हुए आंदोलन के दौरान दर्ज की गई सभी 13 एफआईआर (FIR) में शामिल युवाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई रोकने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही, प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए छात्रों को तुरंत रिहा करने की प्रशासनिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद लिया गया फैसला, लेकिन 'दागी रिकॉर्ड' वालों को छूट नहीं

दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि यह राहत भरा निर्णय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court of India) में दाखिल शैलेंद्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ मामले में 28 जुलाई 2026 को आए आदेश के आलोक में लिया गया है।

मुकदमे होंगे बंद: सरकार ने साफ कर दिया है कि NEET आंदोलन से जुड़े आम प्रदर्शनकारियों और छात्रों के खिलाफ भविष्य में कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं बढ़ाई जाएगी और इन सभी मामलों को यहीं पूरी तरह से बंद माना जाएगा।

आपराधिक इतिहास वालों पर लागू नहीं होगी राहत: सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि यह कानूनी सुरक्षा केवल निर्दोष छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों तक ही सीमित है। जिन लोगों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, उन्हें इस फैसले का लाभ नहीं मिलेगा और उन पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

उपराज्यपाल की मंजूरी, पुलिस कमिश्नर को रिहाई की प्रक्रिया तेज करने के आदेश

उपराज्यपाल (LG) की अंतिम सहमति मिलने के बाद गृह विभाग ने इस आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस और संबंधित न्याय तंत्र को भेज दिया है।

रिहाई की समीक्षा तेज: दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर और अभियोजन निदेशालय (Directorate of Prosecution) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दर्ज 13 मुकदमों में हुई सभी गिरफ्तारियों की तुरंत समीक्षा की जाए और पात्र छात्रों व युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर जेलों और हिरासत से रिहा किया जाए।

छात्रों के करियर पर मंडराता खतरा टला: परीक्षा रद्द करने और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर हुए उग्र प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मुकदमों के चलते सैकड़ों छात्रों के शैक्षणिक व व्यावसायिक करियर पर कानूनी तलवार लटकी हुई थी। दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के इस साझा कदम से छात्रों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है, जिससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो गया है।

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