
NEET प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत? FIR रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार
NEET पेपर लीक मामले को लेकर 2024 में देशभर में छात्रों और अभिभावकों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा की पारदर्शिता, पेपर लीक और दोबारा परीक्षा की मांग को लेकर आवाज उठाई थी। कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव और हिंसा के आरोप भी लगे थे।
New Delhi: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा से जुड़े प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की है। ये प्रदर्शन दिल्ली समेत कई राज्यों में हुए थे। केंद्र की इस पहल से उन छात्रों और प्रदर्शनकारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार (31 अगस्त ) को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह याचिका रखी और मामले में कोर्ट से दखल देने की मांग की।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह संविधान के आर्टिकल 142 के तहत अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करे।
इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 1 सितंबर को होनी है।
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली में 5 सितंबर को एक नए विरोध मार्च की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को दिए गए सरकारी वादे पूरे नहीं किए गए हैं। यह मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा और इसमें NEET पीड़ितों के परिवारों के साथ-साथ पुलिस की बर्बरता का आरोप लगाने वाले लोग भी शामिल होंगे और इसकी अगुवाई करेंगे।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर 2024 में देशभर में छात्रों और अभिभावकों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा की पारदर्शिता, पेपर लीक और दोबारा परीक्षा की मांग को लेकर आवाज उठाई थी। कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव और हिंसा के आरोप भी लगे थे।

