नेपाल बाढ़: मौतों का आंकड़ा 469 हुआ, 290 भारतीयों समेत 1500 लापता
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नेपाल बाढ़: मौतों का आंकड़ा 469 हुआ, 290 भारतीयों समेत 1500 लापता

नेपाल-तिब्बत जलप्रलय में मौतों की संख्या 469 पहुंची। 290 भारतीय पर्यटकों समेत 1468 लापता। भोटेकोशी नदी के पास नई बैरियर लेक फटने से दूसरा अलर्ट।


Nepal Flash Flood: नेपाल और तिब्बत (चीन) सीमा पर आई प्राकृतिक विभीषिका में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 469 तक पहुंच गया है। नेपाल पुलिस की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार, इनमें से 469 लोगों की मौत नेपाल में हुई है, जबकि सीमा पार तिब्बत में 3 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है।


तबाही के दो दिन बीत जाने के बाद भी बचाव दल समय के खिलाफ दौड़ लगा रहे हैं। दोनों देशों की सीमाओं को मिलाकर कुल 1500 लोग लापता हैं, जिनमें 290 भारतीय नागरिक शामिल हैं। आपदा प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर हवाई और थल सेना का ऑपरेशन जारी है।

तबाही का ताजा आंकड़ा और रेस्क्यू अपडेट
नेपाल पुलिस द्वारा गुरुवार (27 अगस्त) को साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

1,468 लोग अब भी लापता: नेपाल में 910 लोग लापता दर्ज किए गए हैं, जबकि तिब्बत की ओर 558 लोग लापता हैं। लापता लोगों में 290 भारतीय पर्यटकों का दल भी शामिल है।

1,500 से अधिक लोगों का रेस्क्यू: हेलीकॉप्टरों के जरिए 50 विदेशियों समेत 796 लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया है, जबकि अन्य 796 लोगों को जमीनी रास्तों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

अस्पतालों में बेबसी: नेपाल के प्रभावित जिलों और राजधानी काठमांडू के अस्पतालों में अपने परिजनों की तलाश में परिजनों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

आपदा का कारण: आइस-रॉक एवलांच और ग्लेशियर टूटना
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आए इस जलप्रलय की मुख्य वजह ग्लेशियर का अचानक ढहना (Glacial Collapse) और उसके साथ आया आइस-रॉक एवलांच (Ice-rock avalanche) था।

ग्लेशियर टूटने से पैदा हुआ पानी, कीचड़ और मलबे का विशाल सैलाब मध्य नेपाल से होकर बहने वाली भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में तेजी से नीचे उतरा।

इस सैलाब ने रास्ते में आने वाले गांवों, कस्बों, सड़कों, पक्के पुलों और जलविद्युत (Hydropower) परियोजनाओं को पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

नई बैरियर लेक से मंडराया एक और बड़ा खतरा
राहत और बचाव कार्यों के बीच निचले इलाकों के लिए एक और गंभीर चेतावनी जारी की गई है:

नई झील का निर्माण: भोटेकोशी नदी प्रणाली के उद्गम स्थल (Source) के पास मलबे और बर्फ के रुकने से एक नई बैरीयर लेक (Barrier Lake) बन गई है।

दूसरे सैलाब का खतरा: अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस नई बनी अस्थाई झील का बांध टूटता है (Breach), तो भोटेकोशी नदी और निचले इलाकों में बाढ़ का एक और खतरनाक सैलाब आ सकता है।


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