
CJP का पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक मार्च, निशु आज़ाद के पिता से मारपीट मामला, वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
CJP का आरोप है कि FIR दर्ज होने के डेढ़ महीने बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार (4 सितंबर) को नीशू आजाद के पिता संजय कुमार से जंतर-मंतर पर मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन जारी है। CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका शुक्रवार सुबह 11 बजे थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। CJP का आरोप है कि FIR दर्ज होने के डेढ़ महीने बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर CJP नेता सौरव दास ने कहा, "ये अपराधी दिल्ली में खुलेआम क्यों घूम रहे हैं? आज अपराधी खुलेआम दावा कर रहे हैं कि उन्होंने CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों पर हमला किया था। वे लड़कियों को भी धमका रहे हैं। दिल्ली पुलिस को इस पर जवाब देना चाहिए। हम चुप नहीं बैठेंगे। हम दबाव बनाना जारी रखेंगे। आज पुलिस के रवैये को देखते हुए हम तय करेंगे कि आगे क्या करना है।"
सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने कहा, "जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय के साथ मारपीट की गई थी। हम लगातार न्याय की मांग करते रहे। दिल्ली में हालात ऐसे हैं कि अपराधी खुलेआम अपना जुर्म कबूल कर रहा है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बीजेपी के कहने पर कोई कार्रवाई नहीं की। हम निशु और उनके पिता के साथ खड़े हैं। हम पुलिस से हत्या का मामला दर्ज करने की मांग करेंगे।"
निशु आज़ाद अपने पिता संजय कुमार के साथ सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने गई थीं। जहां से संजय कुमार के साथ मारपीट की गई।
स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले ने तब बड़ा मोड़ ले लिया जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज नाम के ये कहते हुए देखा जा सकता है कि उन्होंने निशु के पिता का सर फोड़ा और इस स्थिति में उन पर हत्या के प्रयास का मामला बनता था लेकिन दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के फोन की वजह से उन्हें छोड़ दिया गया। उसने वीडियो में चिराग पासवान से भी जान पहचान होने का दावा किया।
वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस पर एक बार फिर प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करने वाले लोगों को बचाने का आरोप लगा है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इससे इनकार किया है और उनका कहना है कि इस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की गई।
निशु को राहुल का समर्थन
इस वीडियो के सामने आने के बाद निशु आज़ाद ने एक वीडियो बनाकर कहा कि उन्हें दिल्ली पुलिस से कोई उम्मीद नहीं रह गई, अब उन्हें राहुल गांधी ही न्याय दिला सकते हैं।
इसके बाद राहुल गांधी ने भी एक्स पर एक पोस्ट कर निशु को अपना समर्थन दिया। उन्होंने लिखा, "निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूं। साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक की आवाज़ उठाती हो। अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।"
राहुल गांधी ने लिखा, "नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी-ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे? निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है. हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता। जय भीम। जय संविधान।"

