
नोएडा के मामूरा में भीषण आग: ई-स्कूटर ब्लास्ट से 2 की मौत, 100 बचाए गए
Noida Mamura Fire News 2026: नोएडा के मामूरा गांव में इलेक्ट्रिक स्कूटर में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग। 2 लोगों की मौत, बांस की सीढ़ी से बचाई गई 40 लोगों की जान।
Noida Fire: नोएडा के फेज-3 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मामूरा गांव में आज एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में दम घुटने और झुलसने के कारण कम से कम दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस इलाके में यह हादसा हुआ वहां का रास्ता बेहद संकरा और तंग था। संकरी गलियों के कारण दमकल विभाग की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। देखते ही देखते आग निचली मंजिल से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई, जिससे पूरी बिल्डिंग में धुएं का गुबार भर गया। इमारत से नीचे उतरने के सभी रास्ते बंद होने के कारण लोगों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। संकट की इस घड़ी में स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाई और बगल की बिल्डिंग से बांस की सीढ़ियां लगाकर 40 से ज्यादा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
ई-बाइक चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट बना काल, धू-धू कर जलीं गाड़ियां
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की शुरुआती जांच में इस भीषण आग के पीछे तकनीकी लापरवाही की बात सामने आ रही है।
स्कूटर में धमाका: सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, बेसमेंट में खड़ी एक इलेक्ट्रिक बाइक में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी।
गाड़ियां बनीं ईंधन: ई-स्कूटर की बैटरी में हुए ब्लास्ट के बाद आग ने वहां खड़ी अन्य गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया।
ऊपर की तरफ फैली लपटें: गाड़ियों की टंकियां फटने से आग तेजी से भड़की और पूरी बिल्डिंग को ऊपर तक अपनी चपेट में ले लिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 100 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।
संकरी गलियां और एक घंटे की देरी; बांस की सीढ़ी बनी 'लाइफलाइन'
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के दावों और बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एक घंटे बाद पहुंची गाड़ी: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि तंग रास्तों के कारण दमकल की गाड़ियों को आने में करीब एक घंटे का समय लग गया।
बांस की सीढ़ी का सहारा: जब बिल्डिंग से निकलना नामुमकिन हो गया, तो लोगों ने दूसरी छत से बांस की सीढ़ी जोड़कर जिंदगियां बचाईं।
बिल्डिंग में 60 लोग थे मौजूद: चार मंजिला इस इमारत में करीब 50 से 60 लोग रह रहे थे, जो अचानक लगी आग से भीतर ही फंस गए।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर बनी थी बिल्डिंग, लीजहोल्डर पर केस दर्ज
इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर के रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध निर्माण और एनओसी के खेल को उजागर कर दिया है।
नहीं था कोई अग्निशमन उपकरण: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पूरी इमारत में आग बुझाने का एक भी सिलेंडर या पानी की पाइपलाइन मौजूद नहीं थी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी: बिना वेंटिलेशन और फायर एग्जिट के इस पूरी बिल्डिंग में लोगों को किराए पर रखा गया था।
कड़ी कानूनी कार्रवाई: डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लापरवाही बरतने और नियमों के उल्लंघन के आरोप में बिल्डिंग के लीजहोल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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