
ओजी', 'धुरंधर', 'फ्लेक्स': एसआरसीसी में पीएम मोदी ने बोली जेन ज़ी की भाषा
SRCC में प्रधानमंत्री के शब्दों का चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब BJP और उसके नेता जंतर-मंतर पर हाल ही में Gen Z के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद युवा वर्ग से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
PM Modi @ SRCC: 13 साल बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बिल्कुल अलग और नए अंदाज में नजर आए। कॉलेज के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं और Gen-Z की बोलचाल के शब्दों का जमकर इस्तेमाल किया। उन्होंने कॉलेज के पूर्व छात्रों को 'असली OG' बताते हुए कहा कि आज भी दिल्ली विश्वविद्यालय में यह कहना कि आप 'SRCC से हैं', अपने आप में एक बड़ा 'फ्लेक्स' है।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब हाल के दिनों में युवाओं से जुड़े प्रदर्शनों के बीच राजनीतिक गलियारों में युवा पीढ़ी तक सीधी पहुंच बनाने की होड़ मची है। संसद में भाजपा सांसदों द्वारा FOMO (छूट जाने का डर) और Delulu (भ्रम में रहना) जैसे शब्दों के इस्तेमाल के बाद अब खुद प्रधानमंत्री ने मंच से 'OG', 'फ्लेक्स' और 'धुरंधर' जैसे लोकप्रिय संदर्भों के जरिए छात्रों के साथ सीधा संवाद साधा।
'धुरंधर न हों, लेकिन धूम मचाई है'
कॉलेज के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने संस्थान की विकास यात्रा और इसके वैश्विक प्रभाव को रेखांकित किया:
पूर्व छात्रों को बताया 'OG': पीएम मोदी ने कहा कि दरियागंज के एक छोटे से संस्थान से शुरू होकर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाले SRCC के पूर्व छात्रों ने हर क्षेत्र में नाम रोशन किया है। उन्होंने छात्रों से मुखातिब होते हुए कहा, "अगर मैं आपकी भाषा में कहूं, तो यहां के पूर्व छात्र असली 'OG' (मूल दिग्गज) हैं।"
'धुरंधर' और 'फ्लेक्स' का तड़का: फिल्म और युवा स्लैंग का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, "धुरंधर न हों लेकिन धूम मचाई है।" साथ ही उन्होंने कहा कि कॉलेज की साख ऐसी है कि डीयू कैंपस में 'SRCCian' होना ही अपने आप में एक स्टेटस सिंबल और 'फ्लेक्स' है।
विविध क्षेत्रों में धमक: उन्होंने रेखांकित किया कि इस संस्थान ने सिर्फ अर्थशास्त्री और कारोबारी ही नहीं, बल्कि देश को बड़े राजनेता, प्रख्यात कानूनविद और कलाकार भी दिए हैं।
2013 के भाषण की याद: 'तब का भाषण एक लहर बन गया था'
प्रधानमंत्री ने फरवरी 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में SRCC में दिए गए अपने बहुचर्चित भाषण को याद किया, जिसने 2014 के आम चुनावों से पहले देश भर में एक सियासी माहौल तैयार किया था।
निराशा के दौर से मुकाबले की कहानी: 2013 के दौर का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि उस समय देश महंगाई, घोटालों, भ्रष्टाचार और आतंकी हमलों से जूझ रहा था। दुनिया भर में भारत को 'फ्रेजाइल फाइव' (कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाएं) की श्रेणी में गिना जाता था और विकास दर अपने निचले स्तर पर थी।
आधे भरे गिलास का दर्शन: पीएम ने अपने पुराने विजन को दोहराते हुए कहा कि उस समय उन्होंने छात्रों के सामने आधे पानी और आधे हवा से भरे पूरे गिलास का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश में उम्मीद की कमी थी, लेकिन उन्होंने सकारात्मकता का रास्ता चुना और आज 13-14 साल बाद भी उनका वही समर्पण और विजन देश को आगे ले जा रहा है।
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