
बम धमाके जैसी तेज आवाज से हिली धरती, कोलंबिया में आया 7.4 तीव्रता का भूकंप, 100 से ज़्यादा की मौत
पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस भूकंप के कारण अब तक 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी और सैकड़ों इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को आए भीषण भूकंप ने हर तरफ चीख-पुकार और तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। रिक्टर पैमाने पर 7.4 की तीव्रता वाले इस विनाशकारी भूकंप के कारण कई बड़े शहरों में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गईं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में अब तक कम से कम 111 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि घायलों की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके कारण मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
बम धमाके जैसी आवाज और अचानक हिली धरती
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब भूकंप आया तो ऐसा लगा जैसे कोई बहुत बड़ा बम विस्फोट हुआ हो। जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ ही पूरी धरती कांपने लगी। पेरेइरा, कैली, मनीजालेस और क्विब्दो जैसे शहरों में कुछ ही सेकंडों के भीतर ऊंची-ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं।
कोलंबियाई भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने पुष्टि की है कि यह पिछले एक दशक में देश में दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। मुख्य झटके के बाद 2.8 और 4.8 तीव्रता के दो बड़े आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) भी महसूस किए गए, जिससे दहशतजदा लोग अपने-अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए।
कहाँ था भूकंप का केंद्र?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) और कोलंबिया की राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक एजेंसी के अनुसार, इस महाभूकंप का केंद्र कोलंबिया की राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित चोको क्षेत्र के 'सैन होज़े डेल पाल्मार' (San José del Palmar) में था। भूवैज्ञानिकों ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से लगभग 107 किलोमीटर की गहराई में था। गहराई अधिक होने के बावजूद झटके इतने तेज थे कि इनका असर कोलंबिया की सीमाओं को लांघकर पड़ोसी देशों वेनेजुएला और इक्वाडोर तक महसूस किया गया।
शहरों में तबाही का मंजर: गिरजाघर का टावर ढहा
भूकंप के कारण विभिन्न प्रांतों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। मनीजालेस शहर में स्थित एक ऐतिहासिक गिरजाघर (चर्च) का विशाल टावर ढहकर सीधे मुख्य प्रार्थना कक्ष पर जा गिरा। पेरेइरा शहर से कम से कम 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मनीजालेस में 2 और वाले देल काउका प्रांत में 27 लोगों की जान चली गई है।
चोको प्रांत की गवर्नर नूबिया कॉर्डोबा ने सोशल मीडिया पर स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्रीय राजधानी क्विब्दो में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय समाचार चैनलों पर प्रसारित हो रहे वीडियो में कई रिहायशी मकान पूरी तरह से नष्ट दिखे।
राष्ट्रपति ने देश में घोषित किया आपातकाल
तबाही के इस मंजर को देखते हुए कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने देश में तत्काल प्रभाव से आपातकाल (State of Emergency) की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति ने कहा कि आपातकाल लागू होने से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि बिना किसी प्रशासनिक देरी के तेजी से जारी की जा सकेगी।
राष्ट्रपति एस्प्रिएला ने यह भी घोषणा की कि वे स्वयं स्थिति का जायजा लेने के लिए सबसे अधिक प्रभावित चोको और आसपास के इलाकों का दौरा करेंगे।
राहत और बचाव कार्य जारी
भूकंप के तुरंत बाद से ही सेना, पुलिस, रेड क्रॉस और नागरिक सुरक्षा दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत अभियान चला रहे हैं। सड़कों पर मलबा जमा होने और कई जगहों पर बिजली व संचार सेवाएं ठप हो जाने के कारण बचाव दल को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित किए जा रहे हैं।

