
पंजाब कांग्रेस में फेरबदल: वड़िंग ने इस्तीफे के बाद पायलट पर दिया बड़ा बयान
राजा वड़िंग ने राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि उनसे पद छोड़ने के लिए नहीं कहा गया था। उन्होंने संकेत दिया कि पंजाब प्रभारी सचिन पायलट शायद प्रदेश नेतृत्व में बदलाव चाहते थे।
पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है। लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को वड़िंग ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की और औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनका करीब साढ़े चार साल का कार्यकाल खत्म हो गया।
वड़िंग बोले- मुझसे इस्तीफा नहीं मांगा गया
इस्तीफे के बाद वड़िंग ने साफ किया कि उनसे किसी ने पद छोड़ने के लिए नहीं कहा था। उनके मुताबिक राहुल गांधी ने ही उन्हें अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी दी थी, इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा भी राहुल गांधी को ही सौंपा।
वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात और कांग्रेस के सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति हमेशा शीर्ष पद पर नहीं रह सकता और एक कार्यकाल कितना लंबा रहा, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि उसे किस तरह याद किया जाता है।
सचिन पायलट को लेकर वड़िंग का बड़ा बयान
इस्तीफे के बाद सबसे ज्यादा चर्चा वड़िंग के उस बयान की है, जिसमें उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट का जिक्र किया।
वड़िंग ने बताया कि सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद उनकी उनसे सिर्फ एक बार करीब 15 मिनट की मुलाकात हुई थी। वड़िंग ने कहा कि उन्हें लगता है कि शायद पायलट नेतृत्व में बदलाव चाहते थे। हालांकि उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि उनके पास इसे साबित करने के लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं है।
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से खींचतान
वड़िंग का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब पंजाब कांग्रेस में पिछले कई महीनों से अंदरूनी मतभेद सामने आते रहे हैं। खास तौर पर वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े खेमों के बीच नेतृत्व को लेकर तनाव की खबरें थीं।
1 जुलाई को कांग्रेस नेतृत्व ने वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा था, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया। इसके बावजूद संगठन के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए।
सचिन पायलट ने पंजाब का प्रभार संभालने के बाद राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से बातचीत की थी। रिपोर्टों के मुताबिक इस फीडबैक के आधार पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व को एक संगठनात्मक रिपोर्ट दी। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की चर्चा तेज हुई।
वड़िंग के कार्यकाल में 2024 का प्रदर्शन
राजा वड़िंग ने अप्रैल 2022 में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व के दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से 7 सीटें जीती थीं। खुद वड़िंग लुधियाना से लोकसभा सांसद चुने गए।
अब पार्टी के सामने 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई थी और 117 सदस्यीय विधानसभा में उसे 18 सीटें मिली थीं।
अब नया अध्यक्ष कौन?
वड़िंग के बाद पंजाब कांग्रेस की कमान किसे मिलेगी, इसे लेकर कई नाम चर्चा में हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला प्रमुख दावेदारों में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा परगट सिंह, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा केपी सिंह और सुखबिंदर सिंह सरकारिया जैसे नेताओं के नाम भी रिपोर्टों में सामने आए हैं। हालांकि कांग्रेस ने अभी नए अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर है। पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष चुनने के साथ-साथ चुनाव से पहले पंजाब इकाई के अलग-अलग गुटों के बीच तालमेल बनाने की चुनौती भी संभालनी होगी।

