
वोटर लिस्ट से राघव चड्ढा हुए ‘शिफ्टेड’, AAP पर लगाए गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता चड्ढा, ने पंजाब सरकार पर "बदले की राजनीति" करने का आरोप लगाया है।
भारत का चुनाव आयोग (ECI) देश भर में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कर रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है। हालांकि इस बार यह टकराव थोड़ा अलग है क्योंकि आरोप विपक्ष की तरफ से नहीं ब्लकि सत्ता पक्ष के एक सांसद की ओर से लगाया है।
राघव चड्ढा जो साल अप्रैल में AAP से बीजेपी में शिफ्ट हो गए थे। अब पंजाब में SIR के बाद वोटर लिस्ट के ड्राफ़्ट में उन्हें "शिफ़्टेड" (स्थान बदलने वाला) दिखाया गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता चड्ढा, ने गुरुवार को पंजाब सरकार पर "बदले की राजनीति" करने का आरोप लगाया। यह आरोप तब लगाया गया जब कथित तौर पर वोटर लिस्ट के ड्राफ़्ट से उनका नाम हटा दिया गया।
‘यह सिर्फ़ क्लर्क की गलती नहीं’
चड्ढा ने X पर एक लंबी पोस्ट में, चड्ढा ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए लिखा, "पंजाब में AAP सरकार अब अपनी बदले की राजनीति को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तक ले आई है। मैं पंजाब से राज्यसभा का मौजूदा सांसद हूँ और मेरा वोटर ID पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है। फिर भी, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम 'शिफ़्टेड' (दूसरी जगह चले जाने वाले व्यक्ति के तौर पर) दिखाया गया है।"
बीजेपी सांसद आगे कहा, "यह सिर्फ़ क्लर्क की गलती नहीं लगती। यह साफ़ तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है।" राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा, "मुझे ‘शिफ़्टेड’ (स्थानांतरित) के तौर पर किसने मार्क किया? AAP की पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने। उस वर्गीकरण को किसने वेरिफ़ाई किया? फिर से, AAP की पंजाब सरकार के ही एक अधिकारी ने। ऊँचे स्तर पर इसे किसने प्रोसेस किया? एक बार फिर, AAP की पंजाब सरकार के उसी अधिकारी ने।"
‘पूरी प्रक्रिया में पंजाब के अधिकारियों की तैनाती’
बीजेपी नेता ने आगे कहा, "ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले BLO से लेकर पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी तक, इस पूरी प्रक्रिया में पंजाब सरकार के अधिकारी ही तैनात होते हैं। BLO आम तौर पर पंजाब सरकार का एक जूनियर कर्मचारी होता है। बीच के स्तर पर काम करने वाले AERO, ERO और DEO भी पंजाब सरकार के अधिकारी होते हैं। सबसे ऊपर पंजाब कैडर के IAS अधिकारी होते हैं जो पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी के तौर पर काम करते हैं।"
चड्ढा ने AAP सरकार पर अधिकारियों पर दबाव डालने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद भी राज्य सरकार ही उनके ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर को कंट्रोल करती है। चड्ढा ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को पता है कि अगर वे सरकार की बात नहीं मानेंगे, तो उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने के बाद से ही AAP नेतृत्व उन्हें और पार्टी के अन्य पूर्व नेताओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग चुप रहने को तैयार नहीं थे, उनके खिलाफ पंजाब पुलिस और राज्य सरकार के प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP में शामिल होने वाले AAP के अन्य पूर्व सांसदों को भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। साथ ही, उन्होंने वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने को राजनीतिक बदले की भावना का ताज़ा उदाहरण बताया।
AAP का पलटवार
आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट ने X पर पार्टी के पूर्व नेता के दावे का जवाब दिया। एक राष्ट्रीय अंग्रेज़ी अख़बार का हवाला देते हुए, AAP ने चड्ढा पर आरोप लगाया कि वे "पिछली तारीख़ वाली प्रक्रिया के ज़रिए दिल्ली में अपना वोटर रजिस्ट्रेशन करवाने की कोशिश कर रहे थे।
पार्टी ने आगे कहा कि SIR प्रक्रिया ECI (चुनाव आयोग) द्वारा की जाती है, न कि राज्य सरकार द्वारा, और वोटर लिस्ट में किसका नाम शामिल करना है या हटाना है, इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं होती। पार्टी ने यह भी कहा, "यह सार्वजनिक रिकॉर्ड की बात है कि राघव चड्ढा दिल्ली में रह रहे हैं, पंजाब में नहीं। अगर वे अब पंजाब में नहीं रहते हैं, तो अपने वोटर रजिस्ट्रेशन को बनाए रखना या उसे दूसरी जगह ले जाना उनकी अपनी ज़िम्मेदारी थी। वोटर एंट्री हटने के लिए वे अब AAP या पंजाब सरकार को दोष नहीं दे सकते।"

