महिलाओं के खिलाफ होती है तीन तरह की हिंसा : पुणे में छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बोले राहुल गांधी
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महिलाओं के खिलाफ होती है तीन तरह की हिंसा : पुणे में 'छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बोले राहुल गांधी

'छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी की छात्र-युवा संवाद मुहिम है, जिसके जरिए वे छात्रों, खासकर छात्राओं, से सीधे संवाद कर उनके मुद्दों और समस्याओं को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं।


कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार (22 अगस्त) पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुआ। कांग्रेस के इस छात्र संपर्क अभियान का यह चौथा चरण है। इस बार कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसे विशेष तौर पर छात्राओं के लिए आयोजित किया गया। राहुल गांधी ने कार्यक्रम विभिन्न छात्रों से बातचीत की उनकी समस्याओं और संघर्ष को समझने की कोशिश की।

राहुल गांधी ने कहा, "महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा होती है। पहली है सीधी हिंसा। मैंने आपको पहले वह तस्वीर दिखाई थी, जिसमें मैंने 70 करोड़ यात्राओं का ज़िक्र किया था। सबसे पहले समझना ज़रूरी है कि जन्म से पहले ही क्या होता है; हर साल 4,50,000 लड़कियों को मार दिया जाता है। यह हिंसा का पहला रूप है।"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "दूसरी तरह की हिंसा है उत्पीड़न; इस भीड़ में मौजूद 80 प्रतिशत लड़कियों ने कभी न कभी उत्पीड़न का सामना किया है, चाहे वह सड़क पर हो, बस में, रेस्टोरेंट में, स्कूल में या कॉलेज में। लगभग 29-30 प्रतिशत महिलाओं को शारीरिक हिंसा का सामना करना पड़ता है, चाहे घर पर हो या सड़क पर, जहां उन्हें या तो पीटा जाता है, धमकाया जाता है या उन पर हमला किया जाता है। आखिरी आंकड़ा चौंकाने वाला है। भारत में हर 100 में से 6 महिलाओं के साथ बलात्कार होता है। यह सीधी शारीरिक हिंसा है। फिर अवसरों से जुड़ी हिंसा आती है; 50 प्रतिशत महिलाएं सुरक्षा की चिंताओं और हिंसा से बचने के लिए शिक्षा या नौकरी छोड़ देती हैं। वे स्कूल छोड़ देती हैं या अपनी नौकरी छोड़ देती हैं।"

राहुल गांधी ने कहा, "आखिर में, आर्थिक हिंसा आती है। आर्थिक क्यों? क्योंकि एक औसत भारतीय महिला को सुरक्षा उपायों पर सालाना अतिरिक्त 17,500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। तो, हिंसा तीन तरह की होती है: सीधी हिंसा, आर्थिक हिंसा और अवसरों के नुकसान से जुड़ी हिंसा।"

क्या छात्रों की गूंज?
'छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी की छात्र-युवा संवाद मुहिम है, जिसके जरिए वे छात्रों, खासकर छात्राओं, से सीधे संवाद कर उनके मुद्दों और समस्याओं को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह पहल अलग-अलग शहरों में की जा रही है और इसमें शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा, समानता और युवाओं के अवसर जैसे मुद्दों पर बातचीत केंद्रित है।

‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत कांग्रेस ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से की थी। इसके बाद 17 जुलाई को देहरादून और 8 अगस्त को प्रयागराज में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में राहुल गांधी ने छात्रों से सीधे संवाद करते हुए शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों को उठाया था।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 19 जुलाई को दिल्ली में हुई CWC बैठक के बाद कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम 800 छोटे शहरों और कस्बों में होगा। राहुल गांधी इन शहरों और कस्बों में से कुछ जगहों पर कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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