
दक्षिण भारत में रेलवे का मेगा विस्तार, कैबिनेट ने खोला 10 हजार करोड़ का खजाना
रेलवे की पांच मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में होगा।
केंद्र सरकार ने रेलवे के विस्तार और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति यानी CCEA ने रेलवे की पांच मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 10,021 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
दक्षिण के राज्यों में होगा विस्तार
इन परियोजनाओं का विस्तार तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में होगा। सरकार के मुताबिक, इनका उद्देश्य रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना, ट्रेनों की आवाजाही को सुचारू करना और बढ़ती परिवहन जरूरतों को पूरा करना है। परियोजनाओं को 2029-30 तक पूरा करने की योजना है।
मल्टी-ट्रैकिंग का मतलब मौजूदा रेल मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैक बिछाना है। इससे एक ही रूट पर ट्रेनों की आवाजाही के लिए ज्यादा क्षमता उपलब्ध होगी। इसका फायदा यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों को भी मिलेगा। ट्रेनों के संचालन में बेहतर तालमेल और रूट की क्षमता बढ़ने से रेल परिवहन अधिक सुचारू होने की उम्मीद है।
आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से दक्षिण भारत के प्रमुख रेल मार्गों पर कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही, परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी मदद मिलेगी। रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की यह पहल देश में रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा है।

