चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को बड़ा झटका, तीन महीने जेल
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चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को बड़ा झटका, तीन महीने जेल

दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने वादे पूरे न करने पर ट्रायल कोर्ट की सजा बरकरार रखते हुए तीन महीने जेल भेजने का आदेश दिया।


बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत के आदेश के बाद अब अभिनेता को अगले तीन महीने जेल में बिताने होंगे।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि राजपाल यादव को भुगतान करने और अपना वादा निभाने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वह बार-बार अपने आश्वासन पूरे करने में विफल रहे।

मुरली प्रॉजेक्ट्स के मामले में आया फैसला

यह मामला मुरली प्रॉजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दर्ज कराए गए चेक बाउंस केस से जुड़ा है। अदालत ने कहा कि अभिनेता को कंपनी का बकाया चुकाने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने तय शर्तों का पालन नहीं किया।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी छह महीने की सजा

मई 2024 में सेशंस कोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी।इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि दोनों पक्ष आपसी समझौते के जरिए विवाद सुलझा लेंगे। इस आश्वासन के आधार पर हाई कोर्ट ने सजा पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले को मध्यस्थता केंद्र (मेडिएशन सेंटर) भेज दिया था। हालांकि, बाद की सुनवाई में अदालत ने पाया कि राजपाल यादव ने कई बार भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन तय समय पर राशि जमा नहीं कर सके।

2.5 करोड़ रुपये चुकाने का वादा नहीं निभाया

अदालत के अनुसार, राजपाल यादव ने कुल 2.5 करोड़ रुपये किस्तों में चुकाने की बात कही थी, लेकिन वह इस वादे को पूरा नहीं कर पाए। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और ट्रायल कोर्ट की सजा को बरकरार रखा।

फरवरी में भी करना पड़ा था सरेंडर

इसी वर्ष फरवरी में भी दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को जेल प्रशासन के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया था, क्योंकि उन्होंने अदालत के पूर्व आदेशों का पालन नहीं किया था।अभिनेता ने सरेंडर के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन अदालत ने यह अनुरोध अस्वीकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को जेल में आत्मसमर्पण किया था।

बाद में राजपाल यादव ने 1.5 करोड़ रुपये जमा किए, जिसके बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। हालांकि, बाद में भी वे अपने वित्तीय दायित्व पूरे नहीं कर सके। इसी कारण अब हाई कोर्ट ने उनकी सजा को प्रभावी करते हुए उन्हें तीन महीने जेल भेजने का आदेश दिया है।

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