NEET पर वॉकआउट, वंदे मातरम् अपमान पर अब 3 साल जेल: बिल पास
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NEET पर वॉकआउट, 'वंदे मातरम्' अपमान पर अब 3 साल जेल: बिल पास

NEET प्रदर्शन पर घमासान के बीच राज्यसभा से 'वंदे मातरम्' अपमान निवारण बिल पास। विपक्षी सांसदों ने किया वॉकआउट, AAP, BJD और YSRCP ने चर्चा में लिया हिस्सा।


Bill on Vandematram: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) का आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर संसद में राजनीतिक संग्राम थमा नहीं है। बुधवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान और सदन में उनकी उपस्थिति की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। भारी नारेबाजी और विपक्ष के वॉकआउट के बीच मोदी सरकार ने 'राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' को ध्वनिमत से पारित करा लिया। इस विधेयक के पास होने के साथ ही अब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के अपमान या इसके गायन में व्यवधान डालने को कानूनी अपराध की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।


'वंदे मातरम्' के अपमान पर होगी 3 साल की जेल
राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा लाए गए इस नए विधेयक का उद्देश्य देश के राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा की रक्षा करना है।

कड़े दंड का प्रावधान: कानून के प्रावधानों के अनुसार, देश के राष्ट्रध्वज, संविधान, राष्ट्रगान और अब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' का अपमान या अनादर करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।

3 साल तक की सजा: इस विधेयक के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को तीन साल तक के कारावास या जुर्माने (अथवा दोनों) की सजा दी जा सकेगी।

24 जुलाई को हुआ था पेश: यह बिल 24 जुलाई को उच्च सदन में पेश किया गया था, लेकिन NEET विरोध प्रदर्शनों के कारण हुए लगातार हंगामे की वजह से इस पर चर्चा टलती आ रही थी।

अमित शाह की मौजूदगी और स्पष्टीकरण पर अड़ा विपक्ष
भोजनावकाश के बाद दोपहर जैसे ही उपसभापति हरिवंश ने विधेयक पर चर्चा शुरू कराई, विपक्षी सांसदों ने NEET प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठा दिया।

गृह मंत्री के बयान की मांग: विपक्षी दलों के सांसद वेल में आकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पुलिस एक्शन पर स्पष्टीकरण देने और सदन में उपस्थित होने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे।

उपसभापति की अपील बेअसर: उपसभापति हरिवंश ने विपक्षी सदस्यों से सदन की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने का बार-बार अनुरोध किया, लेकिन हंगामे में कोई कमी नहीं आई।

विपक्ष का वॉकआउट: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले के संबोधन के दौरान विपक्षी सांसदों ने विरोध जताते हुए पूरे सदन से वॉकआउट कर दिया।

AAP, BJD और YSRCP ने चर्चा में लिया हिस्सा
विपक्ष के मुख्य धड़े के बाहर जाने के बावजूद राज्यसभा में विधेयक पर प्रक्रिया नहीं रुकी और कई गैर-एनडीए दलों ने इसमें सक्रियता से भाग लिया।

अन्य दलों की भागीदारी: आम आदमी पार्टी (AAP), बीजू जनता दल (BJD), भारत राष्ट्र समिति (BRS) और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के सांसदों ने चर्चा में हिस्सा लिया और अपने विचार रखे।

ध्वनिमत से पारित: विभिन्न दलों के सुझावों और चर्चा के समापन के बाद उपसभापति ने विधेयक को वोटिंग के लिए रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत (Voice Vote) से मंजूरी दे दी।


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