
जितेंद्र मिश्रा होंगे राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, सपा और कांग्रेस ने उठाए नियुक्ति पर सवाल
रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बहुप्रतीक्षित बैठक बुधवार को शाम मणिरामदास जी की छावनी में हो सकती है जिसमें इस पद के लिए CEO पद के नाम पर मुहर लग सकती है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) की नियुक्ति की है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी के मामले के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।
ट्रस्ट ने वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र को सीईओ चुना है। जीतेंद्र मिश्र इसी साल मई में पश्चिमी वायु कमान के कमांडिंग इन चीफ के पद से रिटायर हुए थे।
राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी महामंत्री कृष्ण मोहन ने ट्रस्ट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इस फ़ैसले की जानकारी दी।
ट्रस्ट ने बोर्ड में तीन नए सदस्यों को भी जगह दी है। इनमें अयोध्या से मदन मोहन पांडे, दिल्ली से महेश भागचंदका और शिकोहाबाद से निर्मला यादव शामिल हैं।
कांग्रेस, सपा ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को CEO पर के लिए जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर्मचारी अब भी जेल में क्यों हैं, जबकि वरिष्ठ जिम्मेदारों को क्लीन चिट दे दी गई है। यादव ने सहारनपुर दौरे के दौरान मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की नियुक्ति को लेकर पूछे गये सवाल पर कहा, ‘‘इस बारे में मुझसे मेरी राय न पूछें क्योंकि नई बात की वजह से आप पुरानी बात भूल जाएंगे।’’उन्होंने मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित चोरी के मामले में की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।
यादव ने कहा, ‘‘अगर बड़े लोगों को क्लीन चिट मिल गई है, तो छोटे कर्मचारी अब भी जेल में क्यों हैं? उन्हें भी रिहा करवाएं’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भगवान राम को चढ़ाए गए चढ़ावे की ‘‘लूट’’ नहीं होगी।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति करने वालों को ही पता होगा कि यह फैसला किस आधार पर लिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर के दान की कथित चोरी का मामला सिर्फ भ्रष्टाचार का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की धार्मिक आस्था से जुड़ा है।
राम मंदिर में दाम चोरी का विवाद देश भर में एक बड़ा मुद्दा बन गया था। चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके यूपी सरकार ने SIT का गठन किया। मामले में एफआईआर दर्ज हुई और 8 लोगों को नामजद किया गया। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।
अयोध्या दान चोरी का मामला सामने आने के बाद से मंदिर में व्यवस्था को संभालने के लिए CEO पद की जरुरत महसूस की गई थी।

