रिलायंस से राज्यसभा तक, कौन हैं SP उम्मीदवार धनराज नाथवानी?
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रिलायंस से राज्यसभा तक, कौन हैं SP उम्मीदवार धनराज नाथवानी?

समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में धनराज नाथवानी को उतारकर एक नए चेहरे को मौका दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे धनराज अब पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रख रहे हैं।


उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है। दोनों उम्मीदवारों ने बुधवार यानी 30 सितंबर को अपना नामांकन दाखिल किया।

बीजेपी के खिलाफ लगातार मोर्चा खोलने वाली समाजवादी पार्टी का एक बड़े कॉरपोरेट समूह से जुड़े धनराज नाथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाना स्वाभाविक तौर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अखिलेश यादव के इस फैसले के पीछे क्या रणनीति है और क्या इसके जरिए समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक राजनीतिक दायरे से बाहर नए सामाजिक और कॉरपोरेट संपर्कों की तरफ बढ़ने का संकेत दे रही है? फिलहाल पार्टी की ओर से इस उम्मीदवारी को लेकर ऐसी किसी रणनीति का औपचारिक तौर पर उल्लेख नहीं किया गया है।

धनराज नाथवानी का राजनीतिक डेब्यू
धनराज नाथवानी पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रख रहे हैं। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं और रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में डायरेक्टर भी हैं। कंपनी में उनकी जिम्मेदारियों में कॉरपोरेट अफेयर्स, फाइनेंस, HR और CSR शामिल हैं। इसके अलावा वह गुजरात में कंपनी के जामनगर और वडोदरा मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस की भी जिम्मेदारी संभालते हैं।

क्रिकेट और फुटबॉल से भी जुड़ाव
कॉरपोरेट जगत के अलावा धनराज नाथवानी खेल प्रशासन में भी सक्रिय हैं। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन यानी GCA के अध्यक्ष हैं। साल 2022 में उन्होंने अमित शाह के बाद GCA अध्यक्ष का पद संभाला था। इसके अलावा धनराज गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के भी अध्यक्ष हैं।

पिता परिमल नाथवानी भी राज्यसभा सांसद
धनराज के पिता परिमल नाथवानी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े हैं और कंपनी में डायरेक्टर ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स हैं। वह फिलहाल राज्यसभा सांसद भी हैं। इससे पहले वह झारखंड से बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। धनराज के राज्यसभा पहुंचने पर पिता और पुत्र दोनों उच्च सदन के सदस्य होंगे।

रामगोपाल यादव भी मैदान में
समाजवादी पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को भी दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। रामगोपाल यादव साल 2004 से राज्यसभा के सदस्य हैं और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के संख्या बल और कांग्रेस के समर्थन के साथ सपा को दो राज्यसभा सीटें मिलने की उम्मीद है। पार्टी ने तीसरा उम्मीदवार उतारने के भी संकेत दिए हैं।

16 अक्टूबर को राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश की नौ राज्यसभा सीटें मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होने के कारण खाली हो रही हैं। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल बनने के बाद इस्तीफे से एक और सीट खाली हुई है। इस तरह कुल दस सीटों पर चुनाव होना है।

नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर मतदान 16 अक्टूबर को होगा। 2024 के राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से बीजेपी ने आठ और समाजवादी पार्टी ने दो सीटें जीती थीं।

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