
पश्चिम एशिया में तनाव घटते ही शेयर बाजार में जोरदार उछाल
पश्चिम एशिया में तनाव घटने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी आई। सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी 23,900 के पार पहुंच गया।
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का सकारात्मक असर सोमवार को वैश्विक और घरेलू शेयर बाजारों पर देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 600 अंक उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 इंडेक्स 23,900 के स्तर के पार पहुंच गया।
सुबह 9:23 बजे सेंसेक्स 565.08 अंक यानी 0.74 फीसदी की बढ़त के साथ 76,624.85 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 163.75 अंक यानी 0.69 फीसदी मजबूत होकर 23,931.20 अंक पर पहुंच गया। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले सप्ताह बाजार लगातार पांचों कारोबारी सत्रों में गिरावट के साथ बंद हुआ था।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर हरे निशान में
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के सभी 30 शेयर बढ़त के साथ खुले। सबसे ज्यादा तेजी इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) के शेयरों में 2.84 फीसदी की रही। इसके अलावा इटरनल, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूत
शेयर बाजार की तेजी के बीच भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 96.5625 पर बंद हुआ था, जबकि सोमवार को यह करीब 0.4 फीसदी मजबूत होकर 96.1475 पर खुला।
निफ्टी में किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी?
निफ्टी-50 में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और इटरनल सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में निफ्टी मिडकैप 0.98 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 0.86 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस में सबसे कम बढ़त देखने को मिली।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट से बाजार को सहारा
बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत करीब 7.44 फीसदी गिरकर 89.58 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं ब्रेंट क्रूड 4.57 फीसदी यानी 4.42 डॉलर की गिरावट के साथ 92.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच करीब दो सप्ताह तक चली सैन्य कार्रवाई रुकने और कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं बढ़ने से पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ है। इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा और वैश्विक शेयर बाजारों के साथ भारतीय बाजार में भी जोरदार तेजी देखने को मिली।

