
ट्रंप के बयान से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1900 अंक टूटा
डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर बयान और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 1900 अंक टूटा और निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपए डूब गए।
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। सुबह कमजोर शुरुआत के बाद दोपहर के कारोबार में गिरावट और तेज हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान-इजरायल संघर्ष को लेकर दिए गए बयान के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है, जिसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, महंगे होते कच्चे तेल और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया, जिससे बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी में 2% से ज्यादा की गिरावट
दोपहर बाद के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,914 अंक टूटकर 76,266 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 में 581 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,900 के स्तर से नीचे फिसल गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों को 8 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बाजार में आई इस भारी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 472 लाख करोड़ रुपये रह गया। अनुमान के मुताबिक, एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
सेंसेक्स के सभी शेयर लाल निशान में
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारती एयरटेल के शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
इंडिया VIX में 27% की उछाल
बाजार में बढ़ती घबराहट का असर इंडिया VIX पर भी देखने को मिला। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला यह इंडेक्स 27 प्रतिशत उछलकर 14.85 पर पहुंच गया, जो निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता और डर का संकेत माना जाता है।
ब्रॉडर मार्केट और सभी सेक्टर दबाव में
बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। निफ्टी बैंक, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में बिकवाली का दबाव
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया। कारोबार के दौरान 2,525 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 694 शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं, 86 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता के चलते निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्कता के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

