
शरद पवार और शिंदे की मुलाकात पर मचा घमासान, सुप्रिया सुले ने दी सफाई
महाराष्ट्र की राजनीति में पवार-शिंदे की बैठक से उपजा विवाद, संजय राउत ने शिंदे को बताया गद्दार, सुप्रिया सुले बोलीं- यह सिर्फ शिष्टाचार भेंट थी।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र विधानसभा परिसर में NCP (शरद पवार) के प्रमुख शरद पवार और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई मुलाकात ने महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के भीतर एक नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। सहयोगी दल शिवसेना (यूबीटी) की तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब शरद पवार की पार्टी ने इस राजनीतिक विवाद को शांत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने इस विवाद को 'चाय की प्याली में तूफान' करार देते हुए कहा कि इस मुलाकात के कई गलत मायने निकाले जा रहे हैं।
यह सिर्फ एक शिष्टाचार मुलाकात थी
सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में साफ किया कि यह केवल एक संक्षिप्त शिष्टाचार भेंट थी और इससे ज्यादा कुछ नहीं। उन्होंने उन अटकलों को भी पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उनकी पार्टी का एक गुट एनडीए (NDA) में शामिल होने का दबाव बना रहा है। सुले ने कहा कि वह अपनी पार्टी के सभी आठ सांसदों के लगातार संपर्क में हैं और पूरी पार्टी एकजुट है। शिवसेना (यूबीटी) की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि संजय राउत से उनकी बात हो चुकी है और यह केवल एक गलतफहमी थी जिसे अब दूर कर लिया गया है।
राउत ने शिंदे को बताया 'गद्दार'
इससे पहले, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शरद पवार द्वारा उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में जाकर एकनाथ शिंदे से मिलने और वहां अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक करने पर कड़े सवाल उठाए थे। राउत ने शिंदे को 'गद्दार' बताते हुए कहा था कि उनसे मिलने से शरद पवार की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचेगी और इस घटनाक्रम से गठबंधन के सभी सहयोगी आहत हैं। हालांकि, बाद में राउत ने भी नरम रुख अपनाते हुए शरद पवार को अघाड़ी गठबंधन का सबसे बड़ा नेता बताया और कहा कि वह केवल पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं व्यक्त कर रहे थे।
कांग्रेस के दावे पर भड़की शरद पवार की पार्टी
इस विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी आग में घी डालने का काम किया है। चव्हाण ने दावा किया कि शरद पवार की पार्टी के पांच या छह सांसद बेचैन हैं और वे पाला बदल सकते हैं। इस दावे पर पलटवार करते हुए राकांपा (एसपी) के विधायक जयंत Patil ने कहा कि हमारी पार्टी के सभी 8 सांसद और 10 विधायक पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता को नसीहत दी कि किसी दूसरी पार्टी के बारे में इस तरह की बयानबाजी करना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
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