
क्या बीजेपी छोड़ रहे हैं शहजाद पूनावाला? बदले X बायो से अटकलें तेज
शहजाद पूनावाला के X बायो से BJP का नाम हटने के बाद इस्तीफे और सक्रिय राजनीति छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर बदले हुए बायो ने राजनीतिक हलकों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। उनके नए बायो में भाजपा का कोई उल्लेख नहीं है, जिसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है या सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने की तैयारी कर रहे हैं।हालांकि, अब तक न तो शहजाद पूनावाला और न ही भाजपा नेतृत्व की ओर से उनके इस्तीफे की कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है।
बदला हुआ बायो बना चर्चा का विषय
शुक्रवार (31 जुलाई) को शहजाद पूनावाला ने अपना नया X बायो साझा किया। इसमें उन्होंने खुद को 'GST की यात्रा' पुस्तक का लेखक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "आजीवन अनुयायी" बताया है। लेकिन इस बार उनके परिचय में भाजपा या पार्टी के किसी पद का कोई जिक्र नहीं किया गया।इसी बदलाव के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
इस्तीफे की खबरों को मिला बल
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि शहजाद पूनावाला ने निजी कारणों का हवाला देते हुए भाजपा नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।CNN-News18 की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है। हालांकि, इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुराने वीडियो फिर हुए वायरल
शहजाद पूनावाला के बदले हुए बायो के साथ-साथ उनके पुराने वीडियो भी सोशल मीडिया पर दोबारा चर्चा में आ गए हैं।उन्होंने हाल ही में अपने X अकाउंट पर जनवरी 2025 का एक वीडियो दोबारा साझा किया, जिसमें वे चुनावी सफलता और समाज सेवा के बीच अंतर समझाते नजर आते हैं।वीडियो में पूनावाला कहते हैं कि राजनीतिक लक्ष्य और चुनाव जीतना दो अलग-अलग बातें हैं। उनका कहना है कि यदि कोई सांसद नहीं बनता, तो इसका यह मतलब नहीं कि वह समाज और राजनीति में योगदान नहीं दे सकता।उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि वह देश के लिए किस प्रकार योगदान दे सकता है। कुछ लोग निर्वाचित प्रतिनिधि बनकर सेवा करते हैं, जबकि कुछ लोग व्यवस्था से बाहर रहकर भी समाज के लिए काम करते हैं। इससे वे राजनीति से अलग नहीं हो जाते।
2024 में ही राजनीति छोड़ने का बनाया था मन
एक अन्य वीडियो में शहजाद पूनावाला कहते नजर आते हैं कि उन्होंने वर्ष 2024 में ही सक्रिय राजनीति छोड़ने का फैसला कर लिया था।हालांकि, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण चुनावों को देखते हुए उन्होंने अपना निर्णय टाल दिया था।वीडियो में वह कहते हैं कि अब उन्हें लगता है कि सक्रिय राजनीति से आगे बढ़ने का समय आ गया है।इस वीडियो को उन्होंने पहली बार 28 जून को पोस्ट करते हुए लिखा था, "मैं इस फैसले में पहले ही दो साल देर कर चुका हूं।" बाद में इसे दोबारा साझा करने के बाद उनके अगले कदम को लेकर अटकलें और तेज हो गईं।
कांग्रेस छोड़कर 2017 में भाजपा में हुए थे शामिल
शहजाद पूनावाला ने वर्ष 2017 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर मतभेदों के कारण पार्टी छोड़ी थी। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया और वे पार्टी के प्रमुख टीवी डिबेट चेहरों में शामिल हो गए।एक वकील और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान रखने वाले 38 वर्षीय पूनावाला अक्सर टीवी बहसों और सार्वजनिक मंचों पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पक्ष रखते हुए कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखे हमले करते रहे हैं।
दिल्ली भाजपा की सोशल मीडिया टीम की भी संभाली जिम्मेदारी
वर्ष 2021 में शहजाद पूनावाला को दिल्ली भाजपा की सोशल मीडिया इकाई का प्रभारी भी नियुक्त किया गया था।पार्टी में उनकी सक्रिय भूमिका और लगातार मीडिया उपस्थिति के कारण वे भाजपा के प्रमुख राष्ट्रीय चेहरों में गिने जाते रहे हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल भाजपा या शहजाद पूनावाला की ओर से इस्तीफे या सक्रिय राजनीति छोड़ने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उनके बदले हुए सोशल मीडिया बायो और पुराने वीडियो को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर अभी आधिकारिक मुहर लगना बाकी है।

