
2 साल बाद सामने आईं शेख हसीना: दिल्ली से बोलीं- दिसंबर में लौटूंगी देश
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने दिल्ली में FCC साउथ एशिया के जरिए वर्चुअल संबोधन किया। जानिए बांग्लादेश हिंसा, 10 हजार मौतों के दावे और वापसी पर क्या कहा।
Sheikh Haseena Press Conference: बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना बीते दो वर्षों में पहली बार सार्वजनिक तौर पर सामने आई हैं। नई दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (FCC) साउथ एशिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वे वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं। कैमरा बंद रखकर सिर्फ अपनी आवाज में अपनी बात रखते हुए शेख हसीना बेहद भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि वे आज भी अपने देश और वहाँ के लोगों से पूरी तरह जुड़ी हुई हैं।
शेख हसीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संकेत दिया कि वे जल्द ही अपने देश वापस लौटना चाहती हैं और संभवतः इस साल दिसंबर में बांग्लादेश जाएंगी।
'यह वह बांग्लादेश नहीं जिसके लिए 30 लाख लोगों ने शहादत दी'
वर्चुअल संबोधन के दौरान भावुक होकर शेख हसीना ने कहा:
"मैं एक ऐसे शख्स के तौर पर बोल रही हूं जिसने अपनी जिंदगी बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताई है। मुझे मेरे देश से दूर कर दिया गया, लेकिन मैं अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुई। पिछले दो सालों से मैंने अपने प्यारे बांग्लादेश को पीड़ित होते देखा है। यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसे हमने बनाया था, यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था।"
हिंसा पर बड़ा खुलासा: 'छात्र आंदोलन के पीछे हिंसक राजनीतिक षड्यंत्र'
जुलाई और अगस्त 2024 की हिंसा और अपने सत्ता से हटने के घटनाक्रम पर बोलते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस मुद्दे को बातचीत और कानूनी प्रक्रिया से सुलझाने का प्रयास किया था:
राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल: उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन की आड़ में संगठित समूहों ने मांगों को एक हिंसक राजनीतिक हथियार में बदल दिया।
अवामी लीग के नेताओं को निशाना बनाना: 5 अगस्त के बाद हिंसा को एक राजनीतिक उत्पीड़न अभियान करार देते हुए उन्होंने कहा कि अवामी लीग के कार्यकर्ताओं की हत्याएं की जा रही हैं, उन्हें गायब किया जा रहा है और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
हिंसा के आंकड़े: '10,000 से ज्यादा लोग मारे गए या गायब हुए'
शेख हसीना ने वर्तमान स्थिति पर आंकड़े सामने रखते हुए गंभीर आरोप लगाए:
मौतें और गिरफ्तारियां: उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में कम से कम 10,000 लोग मारे गए या गायब कर दिए गए हैं। इसके अलावा लगभग 6,50,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
लाखों कार्यकर्ताओं पर मुकदमे: करीब 3,500 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें अवामी लीग के लगभग 4,50,000 नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को नामजद किया गया है। 10 लाख से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
खुद पर 600 से अधिक केस: शेख हसीना ने बताया कि उनके खिलाफ 600 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
'मुक्ति संग्राम के प्रतीकों और बंगबंधु की यादों को किया गया तबाह'
बांग्लादेश की ऐतिहासिक विरासत पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने दुख व्यक्त किया:
ऐतिहासिक धरोहरों को नुकसान: उन्होंने आरोप लगाया कि 1971 के मुक्ति संग्राम की भावना और उसके प्रतीकों को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट किया जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानियों को अपमानित किया गया है।
बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम ध्वस्त: राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक आवास 'बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम' को गिराए जाने पर उन्होंने कड़ा विरोध जताया।
जेलों में प्रताड़ना: उन्होंने कहा कि छात्र और महिला संगठनों की महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है, और कई नेताओं की जेलों में इलाज के अभाव और प्रताड़ना से मौत हो चुकी है।
Next Story

