
9 किलो वजन घटा, फिर भी डटे वांगचुक, अनशन खत्म करने के लिए रखी शर्त
20 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि 20 जुलाई का संसद मार्च सफल रहा तो वह भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।
पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्होंने एक शर्त रखी है। वांगचुक का कहना है कि यदि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च सफल रहता है, तो वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के मंच से अनशन कर रहे हैं।
20 दिनों में 9 किलो वजन घटा
अनशन के 19वें दिन तक सोनम वांगचुक का करीब 9 किलो वजन कम हो चुका है। इस बीच उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्वास्थ्य स्थिति और आंदोलन को लेकर बात की।उन्होंने कहा कि कई लोग उनसे लगातार अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं। वांगचुक ने बताया कि उनका शरीर कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति इतनी गंभीर नहीं है कि अगले तीन-चार दिनों में कोई बड़ा खतरा हो।
20 जुलाई के संसद मार्च को सफल बनाने की अपील
वीडियो संदेश में वांगचुक ने लोगों से 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल उनसे अनशन खत्म करने की अपील करने के बजाय लोग आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए मार्च में भाग लें।उन्होंने लोगों से मिस्ड कॉल के जरिए अपनी भागीदारी दर्ज कराने और अधिक से अधिक संख्या में संसद मार्च में पहुंचने का आग्रह किया।
'माएं करें संसद मार्च की अगुआई'
सोनम वांगचुक ने विशेष रूप से महिलाओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि माताओं के दिल में बच्चों के भविष्य के लिए सबसे अधिक चिंता और प्रेम होता है, इसलिए वे चाहेंगे कि संसद मार्च की अगुआई माएं करें।उन्होंने कहा, "अपनी मां को लेकर आइए, क्योंकि मां के दिल में बच्चों के लिए जो प्यार होता है, वह किसी और के दिल में नहीं होता। मैं चाहता हूं कि माएं इस मार्च का नेतृत्व करें और हमें संसद तक लेकर जाएं।"
'मार्च सफल हुआ तो चैन की नींद सो पाऊंगा'
वांगचुक ने कहा कि यदि 20 जुलाई का संसद मार्च सफल रहता है और यह मुद्दा सही मंच तक पहुंचता है, तो उन्हें संतोष मिलेगा और वह अपना अनशन समाप्त कर सकेंगे।उन्होंने कहा, "आप सबसे 20 जुलाई को मुलाकात होगी। अगर यह मार्च सफल रहा, तो मैं भरोसा दिलाता हूं कि जब यह मुद्दा सही हाथों तक पहुंचेगा, तब मैं चैन की नींद सो पाऊंगा और अपना अनशन भी तोड़ दूंगा।"
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि संसद मार्च की सफलता का पैमाना क्या होगा। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि कितनी संख्या में लोगों की मौजूदगी या मार्च कितनी दूर तक पहुंचने को वह सफलता मानेंगे।

