CJP के दबाव में झुकी सरकारें: बिहार, असम, महाराष्ट्र में NEET केस वापस
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CJP के दबाव में झुकी सरकारें: बिहार, असम, महाराष्ट्र में NEET केस वापस

बिहार, असम और महाराष्ट्र सरकार ने NEET प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए। CJP को राजस्थान से भी मिली गारंटी।


CJP Protest: नीट-UG पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर से शुरू हुआ आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन छात्रों और प्रदर्शनकारियों की रिहाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का दबाव लगातार जारी है। सीजेपी द्वारा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारियों पर "गंभीर चिंता" व्यक्त किए जाने के तुरंत बाद, गैर-भाजपा और भाजपा शासित राज्यों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मंगलवार (28 जुलाई) तक बिहार, असम और महाराष्ट्र सरकारों ने छात्रों और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) और मुकदमों को वापस लेने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके अलावा, सीजेपी ने दावा किया है कि उसे राजस्थान सरकार से भी किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने की गारंटी मिल गई है, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार भी जल्द ऐसा ही आदेश जारी करने जा रही है।


बिहार और असम सरकार का आधिकारिक नोटिफिकेशन: सभी कैदी तुरंत होंगे रिहा
सीजेपी प्रवक्ताओं के साथ केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की दो से तीन घंटे चली मैराथन बैठक के बाद बिहार और असम सरकारों ने अपने औपचारिक आदेश जारी कर दिए।

बिहार सरकार का फैसला: बिहार के गृह विभाग ने स्पष्ट किया कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल या दंडात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

694 में से 355 पर थी एफआईआर: 25 जुलाई के बिहार बंद के दौरान पुलिस ने 694 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से 339 नाबालिगों को छोड़ने के बाद 355 लोगों पर केस दर्ज किया गया था, जिन्हें अब तुरंत रिहा किया जा रहा है।

असम में 5 एफआईआर रद्द: असम सरकार ने भी 26 जुलाई तक दर्ज सभी 5 केस वापस लेने और गिरफ्तार किए गए सभी 13 लोगों को तुरंत रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

महाराष्ट्र और राजस्थान में भी राहत, बंगाल में जल्द फैसला संभव
केंद्र सरकार के साथ हुए समझौते के तहत सीजेपी अन्य एनडीए शासित राज्यों पर भी लगातार नोटिफिकेशन जारी करने का दबाव बना रही है।

महाराष्ट्र का आदेश: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग को निर्देश दिए हैं कि राज्य में नीट प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी मामले तुरंत वापस लिए जाएं।

राजस्थान में गारंटी: सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि राजस्थान सरकार ने आश्वासन दिया है कि राज्य में प्रदर्शनकारियों पर न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई है और न ही आगे कोई कार्रवाई होगी।

पश्चिम बंगाल में तैयारी: रिपोर्ट्स के अनुसार, कोलकाता में दर्ज 7 मामलों और चिन्हित 70 प्रदर्शनकारियों पर केस वापस लेने के लिए बंगाल सरकार भी जल्द निर्णय लेने वाली है।

"किसी भी युवा को अकेले नहीं लड़ने देंगे" – सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर देर रात 1 बजे अपडेट साझा करते हुए आंदोलनकारियों को पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

2-3 घंटे चली बैठक: सौरव दास ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही घंटों बाद सरकारी प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की और बिहार व असम के नोटिफिकेशन्स की कॉपियां सौंपी।

केंद्र सरकार का लिखित वादा: उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और अन्य एनडीए शासित राज्य भी जल्द ही इसी तरह की गारंटी वाले नोटिफिकेशन जारी करेंगे।

एकजुटता का संदेश: सौरव दास ने दोहराया कि "हम लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी राज्य प्रदर्शनकारियों के हित में आधिकारिक आदेश जारी करें। हम किसी भी युवा को अकेले यह लड़ाई नहीं लड़ने देंगे।"


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