झारखंड में अनशन पर बैठे स्टूडेंट की तबीयत बिगड़ी, सोमवार को छात्रों का विधानसभा मार्च
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झारखंड में अनशन पर बैठे स्टूडेंट की तबीयत बिगड़ी, सोमवार को छात्रों का विधानसभा मार्च

आंदोलन का आज 16वां दिन है और सरकार की ओर से बातचीत की कोशिशों के बावजूद छात्रों की प्रमुख मांगों पर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।


झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को भी जारी है। आंदोलन का आज 16वां दिन है और सरकार की ओर से बातचीत की कोशिशों के बावजूद छात्रों की प्रमुख मांगों पर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने से सरकार पर आंदोलन को लेकर दबाव और बढ़ गया है।

आज रांची में क्या हुआ?

सरकार ने शनिवार की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद रविवार को छात्रों के साथ एक और दौर की बातचीत का फैसला किया। सरकार की ओर से यह छठा दौर बताया जा रहा है। शनिवार को सरकार के प्रतिनिधियों ने अलग-अलग छात्र संगठनों के साथ कई दौर की बातचीत की थी, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।

शनिवार को सरकार के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने छात्र नेताओं से बातचीत की थी। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच' की ओर से परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसी मांगें प्रमुखता से रखी गई हैं। बातचीत के बाद छात्रों ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया था।

अनशन कर रहे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी

आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की सेहत सबसे बड़ी चिंता बन गई है। वे रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। रविवार को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी हालत पिछले कुछ दिनों में कमजोर हुई है और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार तड़के उनकी ब्लड ग्लूकोज की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई। चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन आंदोलनकारी उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने के लिए तैयार नहीं हुए। मौके पर ही जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है।

सरकार से बातचीत किस स्थिति में है?

सरकार लगातार छात्र संगठनों से संवाद कर रही है, लेकिन आंदोलन का नेतृत्व कर रहा प्रमुख गुट अभी तक अपनी मूल मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

शुक्रवार और शनिवार को हुई बातचीत में सरकार की ओर से छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, आंदोलनकारियों ने इसे पर्याप्त नहीं माना और साफ किया कि ठोस निर्णय आने तक आंदोलन जारी रहेगा।

एक महत्वपूर्ण विवाद यह भी है कि सरकार ने अलग-अलग छात्र संगठनों से बातचीत शुरू की है। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े नेताओं ने आरोप लगाया है कि इससे आंदोलन में विभाजन पैदा करने की कोशिश हो सकती है।


सोमवार को क्या होगा?

छात्रों ने पहले ही सोमवार को तिरंगा मार्च और झारखंड विधानसभा के घेराव/मार्च का ऐलान कर रखा है। यह कार्यक्रम तभी टल सकता है जब रविवार की बातचीत में सरकार और आंदोलनकारी छात्र किसी ठोस समझौते पर पहुंचें। अगर रविवार की बातचीत में सरकार छात्रों को उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन देती है तो आंदोलन के अगले कदम में बदलाव हो सकता है। दूसरी, अगर बातचीत फिर बेनतीजा रहती है तो छात्र अपने घोषित विधानसभा मार्च की ओर बढ़ सकते हैं।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विधानसभा के आसपास सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। विधानसभा क्षेत्र के आसपास पहले से प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं, जिन्हें 12 अगस्त तक जारी रखने की जानकारी सामने आई है।

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