NEET विवाद: तेज प्रताप यादव जेल भेजे गए, सीने में दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती
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NEET विवाद: तेज प्रताप यादव जेल भेजे गए, सीने में दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती

NEET पेपर लीक मामले में बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार तेज प्रताप यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। सीने में दर्द के बाद उन्हें अस्पताल वार्ड में भर्ती किया गया।


NEET प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान प्रदर्शन का समर्थन करने के आरोप में बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद बेउर केंद्रीय कारागार पहुंचने पर सीने में दर्द की शिकायत के चलते उन्हें जेल के अस्पताल वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जेल में खाने से किया इनकार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार देर शाम गिरफ्तारी के बाद पुलिस तेज प्रताप यादव को पटना स्थित आदर्श केंद्रीय कारा, बेउर लेकर पहुंची। जेल प्रशासन के अनुसार, सीने में दर्द की शिकायत के कारण उन्हें सामान्य बैरक में रखने के बजाय अस्पताल वार्ड में शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने जेल में भोजन भी ग्रहण करने से इनकार कर दिया है।

सोमवार को दाखिल होगी जमानत याचिका

तेज प्रताप यादव की ओर से सोमवार को सक्षम अदालत में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। उनके वकील जगन्नाथ सिंह ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि इसमें कई अनियमितताएं हुई हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव को शनिवार शाम करीब 7:30 बजे पटना के एक मॉल से गिरफ्तार किया गया, जबकि संबंधित थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) रविवार तड़के करीब 12:15 बजे दर्ज की गई। वकील का कहना है कि इस कथित विसंगति को अदालत के समक्ष रखा जाएगा।

जेजेडी ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक

जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों के समर्थन में उठ रही आवाज को दबाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और छात्रों के पक्ष में आवाज उठाना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है, जिसे पुलिस कार्रवाई के जरिए दबाया नहीं जा सकता।

रोहिणी आचार्य ने जताया विरोध

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद सिंगापुर में रह रहीं उनकी बहन रोहिणी आचार्य भी उनके समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर गिरफ्तारी की कड़ी आलोचना की।रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि उनके भाई को "निराधार और झूठे आरोपों" में गिरफ्तार किया गया है और इसे उन्होंने "सम्राट चौधरी सरकार का अत्याचार" बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे युवाओं का समर्थन करना क्या अपराध है।

क्या है मामला?

छात्र संगठनों ने NEET प्रश्नपत्र लीक मामले की निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर बिहार बंद का आह्वान किया था। इसी दौरान बंद को लागू कराने और प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में तेज प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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