कल्याण बनर्जी पूरे मॉनसून सत्र से निलंबित, महिला सांसद पर टिप्पणी भारी,
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कल्याण बनर्जी पूरे मॉनसून सत्र से निलंबित, महिला सांसद पर टिप्पणी भारी,

महिला सांसद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में लोकसभा ने TMC सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया।


तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा ने पूरे मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। उन पर सदन की कार्यवाही के दौरान एक महिला सांसद के खिलाफ आपत्तिजनक और असंसदीय टिप्पणी करने का आरोप लगा था। शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उनके निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।

महिला सांसद पर टिप्पणी बनी कार्रवाई की वजह

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कल्याण बनर्जी की टिप्पणी को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया। सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने कहा कि किसी महिला सांसद के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। इसके बाद उन्हें पूरे मॉनसून सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

घटना के बाद बागी महिला सांसद और नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के अन्य सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मिले और कल्याण बनर्जी के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत पर विचार के बाद सदन में निलंबन का प्रस्ताव लाया गया और उसे मंजूरी मिल गई।

सदन स्थगित होने के बाद हुई तीखी बहस

बुधवार को विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद परिसर में कल्याण बनर्जी की अपनी पार्टी छोड़ चुके कुछ पूर्व सहयोगियों और NCPI सांसदों से तीखी बहस हो गई।इस दौरान NCPI की सांसद मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार भी मौजूद थीं। हालांकि, विवाद किस मुद्दे पर शुरू हुआ, यह स्पष्ट नहीं हो सका। अन्य विपक्षी सांसदों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद कल्याण बनर्जी वहां से चले गए।

बंगाल चुनाव के बाद बदला राजनीतिक समीकरण

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया था। पार्टी के 20 सांसदों ने नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर TMC छोड़ दी और नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का दामन थाम लिया। इसके बाद ये सांसद लोकसभा में TMC से अलग बैठने लगे और उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी अपना समर्थन सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया।

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