अभिजीत दीपके को मिली जमानत, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली
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अभिजीत दीपके को मिली जमानत, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली

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  • 17 Oct 2026 5:02 PM IST

    दीपके को जमानत, कांग्रेस की रैली

    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शनिवार को अदालत से जमानत मिल गई। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले हिरासत में लिया था। देर रात उनकी गिरफ्तारी हुई। शनिवार दोपहर दीपके को पुलिस स्टेशन लाया गया और इसके बाद अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें जमानत दे दी गई।

    पिछले आठ दिनों में दीपके के खिलाफ पुलिस की यह दूसरी कार्रवाई थी। इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था। हालांकि, अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया था।

    इस बीच कांग्रेस ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। पार्टी ने इसके लिए दिल्ली पुलिस से पहले ही अनुमति हासिल कर ली है।

  • 17 Oct 2026 10:20 AM IST

    नेहा बोरा ने रिहा होने के बाद क्या कहा?

    दिल्ली: रिहा होने के बाद AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा कहती हैं, "कानून-व्यवस्था की हर तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आम नागरिकों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है जैसे वे कोई बहुत बड़े अपराधी हों - यह चलन इस देश में लंबे समय से चला आ रहा है। मौजूदा आंदोलन ने साफ कर दिया है कि लोगों को दिन हो या शाम, कभी भी हिरासत में ले लिया जाता है, पूरी रात उन्हें कस्टडी में रखा जाता है और अगले दिन सुबह या शाम को ही छोड़ा जाता है। किस अधिकार के तहत इसे सही ठहराया जा सकता है? किस कानून या आदेश से लोगों को पूरी रात हिरासत में रखना जायज है? कानूनी तौर पर, लोगों को - खासकर महिलाओं को - सूर्यास्त के बाद छोड़ दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इसके अलावा, एक नया नैरेटिव फैलाया जा रहा है - अराजकता और अव्यवस्था का। कैसी अराजकता और अव्यवस्था? वही, जो आपने सेंट्रल दिल्ली में पैदा कर दी है? दिल्ली के लोग चैन की सांस भी नहीं ले पा रहे हैं; वे काम पर जाने के लिए जो भी रास्ता चुनते हैं, वह बंद मिलता है। आप पूरे देश में अराजकता और अव्यवस्था फैला रहे हैं। कृपया, भारत के लोगों को बख्श दें। ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएं और SIR (सिस्टम) को रोकें, ताकि इस देश के आम नागरिक चैन की सांस ले सकें, सुकून से रह सकें और उनके वोट देने के अधिकार सुरक्षित रह सकें।"

    नेहा बोरा को शुक्रवार शाम मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के पास से हिरासत में लिया गया था। वह तिरंगा मार्च में जाने की कोशिश कर रही थी।




  • 17 Oct 2026 9:57 AM IST

    नेहा-बोरा और अभिजीत दीपके को लेकर दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

    16 अक्टूबर की शाम को AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया। दोनों तिरंगा मार्च में शामिल होने जा रहे थे। दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर बताया है कि उन्हें एहतियाती धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया, जबकि अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। उन्हें SEM कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। 




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