
ईरान पर अमेरिका का बड़ा एक्शन, फिर लागू हुई नौसैनिक नाकेबंदी
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी फिर लागू कर दी। नाकेबंदी से पहले अमेरिकी हमले हुए, जबकि ईरान ने खाड़ी में जवाबी कार्रवाई का दावा किया।
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (USCENTCOM) के अनुसार, यह नाकेबंदी अमेरिकी समयानुसार मंगलवार शाम 4 बजे से प्रभावी हो गई। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब पिछले महीने हुआ नाजुक युद्धविराम टूटने की कगार पर है और क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा फिर से गहरा गया है।
नाकेबंदी से पहले अमेरिका के ताजा हमले
नाकेबंदी लागू होने से ठीक पहले अमेरिकी सेना ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात ईरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। एक अमेरिकी अधिकारी ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि यह ईरान के खिलाफ लगातार चौथी रात की गई सैन्य कार्रवाई थी।इन हमलों में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स के साथ-साथ उसकी समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों विमान तैनात
USCENTCOM ने बताया कि मध्य पूर्व में सैन्य अभियान दोबारा शुरू किए जाने के साथ ही अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के खिलाफ फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की थी।ट्रंप ने शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की भी घोषणा की थी, लेकिन 24 घंटे के भीतर उन्होंने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। IRGC के अनुसार, उसने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। संगठन ने कहा कि बहरीन और कुवैत में दुश्मन के सैन्य ढांचे पर हमले किए गए हैं।IRGC ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में की गई है।
दक्षिणी ईरान में कई धमाकों की खबर
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने देश के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में कई विस्फोटों की सूचना दी।सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, बंदर अब्बास में तीन जोरदार धमाके हुए। वहीं, फार्स न्यूज एजेंसी ने अहवाज शहर में भी कई विस्फोटों की जानकारी दी। इसके अलावा, होर्मुजगन प्रांत के सिरिक क्षेत्र के पास कई प्रोजेक्टाइल गिरने की भी खबर सामने आई है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों और दोनों पक्षों के जवाबी हमलों के बीच मध्य पूर्व की स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले, तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।

