ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम का निधन, भारत को 500% टैरिफ की दी थी धमकी
x

ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम का निधन, भारत को 500% टैरिफ की दी थी धमकी

अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की उम्र में बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन पर शोक व्यक्त किया गया।


अमेरिका के वरिष्ठ रिपब्लिकन नेता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाने वाले सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की पुष्टि एक रिपब्लिकन नेता ने की है, जिन्होंने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

लंबे समय से अमेरिकी राजनीति का प्रमुख चेहरा

लिंडसे ग्राहम दक्षिण कैरोलिना से अमेरिकी सीनेटर थे और रिपब्लिकन पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में उनकी गिनती होती थी। उन्होंने वर्ष 2002 में पहली बार सीनेट का चुनाव जीता था। इसके बाद 2008, 2014 और 2020 में भी लगातार निर्वाचित होकर सीनेट पहुंचे।वर्ष 2019 से 2021 तक उन्होंने अमेरिकी सीनेट की न्यायपालिका समिति (Senate Judiciary Committee) के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। राजनीति में आने से पहले वह वकालत करते थे और उससे पहले अमेरिकी वायुसेना (Air Force) में भी सेवा दे चुके थे।

हाल ही में किया था कीव का दौरा

निधन से कुछ समय पहले लिंडसे ग्राहम यूक्रेन की राजधानी कीव के दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी। दौरे के बाद उनकी सार्वजनिक गतिविधियां काफी कम हो गई थीं।उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कहा था कि यदि बातचीत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सक्रिय रूप से शामिल किया जाए और चीन मध्यस्थ की भूमिका निभाए, तो युद्ध समाप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।

ट्रंप के करीबी और मुखर समर्थक

लिंडसे ग्राहम को डोनाल्ड ट्रंप का मजबूत समर्थक माना जाता था। उन्होंने कई मौकों पर ट्रंप की नीतियों का खुलकर समर्थन किया और उनकी विदेश नीति की सराहना की। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की भी उन्होंने तारीफ करते हुए कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है।ग्राहम का मानना था कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में भी ट्रंप की कूटनीतिक पहल अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि ट्रंप की नीतियों ने कई देशों को अमेरिका के प्रति अपने रुख पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया।

भारत को लेकर रहे सख्त

भारत के प्रति लिंडसे ग्राहम का रुख कई बार काफी सख्त रहा। उन्होंने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना करते हुए चेतावनी दी थी कि यदि भारत ने रूस से तेल आयात जारी रखा, तो अमेरिका उस पर भारी आर्थिक प्रतिबंध और 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने पर विचार कर सकता है।उनका कहना था कि रूस से ऊर्जा खरीदकर भारत अप्रत्यक्ष रूप से मॉस्को की मदद कर रहा है और इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

ईरान पर भी जताई थी चिंता

पिछले महीने लिंडसे ग्राहम ने ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर बनी सहमति का स्वागत किया, लेकिन साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम और भविष्य की वार्ताओं को लेकर चिंता भी जताई थी।उन्होंने कहा था कि वह ईरान के साथ होने वाली बातचीत पर करीबी नजर रखेंगे, क्योंकि अमेरिकी वार्ता दल और ईरान के बयानों में अंतर दिखाई दे रहा है।

लिंडसे ग्राहम के निधन को अमेरिकी राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और न्यायिक मामलों पर प्रभावशाली भूमिका निभाई और रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख नेताओं में अपनी अलग पहचान बनाई।

Read More
Next Story