
दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद भड़का अमेरिका, ईरान पर रातभर भीषण बमबारी
जॉर्डन में ईरानी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा एक्शन; लगातार 8वीं रात थर्राया तेहरान, रेजाई की खुली धमकी- अब शुरू होगा फुल-स्केल युद्ध।
USA Iran War: मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध अब अपने सबसे घातक और विनाशकारी दौर में पहुंच चुका है। जॉर्डन में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को "कड़ा सबक" सिखाने के लिए नए और भीषण हवाई हमलों का आदेश दे दिया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने लगातार आठवीं रात ईरान के ठिकानों पर जोरदार बमबारी की है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच पिछले महीने हुआ 14 सूत्रीय शांति समझौता पूरी तरह इतिहास के पन्नों में दफन हो गया है और खाड़ी क्षेत्र महायुद्ध के मुहाने पर आकर खड़ा है।
जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरानी हमला, 2 सैनिकों की मौत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि 17 जुलाई को जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के दो सैनिक मारे गए हैं, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता (Missing in Action) है। इस हमले में चार अन्य अमेरिकी सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक कुल 16 अमेरिकी सैन्य कर्मियों की जान जा चुकी है। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जॉर्डन स्थित अल-अजराक अमेरिकी बेस के फ्यूल टैंकों और वहां तैनात लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया था।
ट्रंप का आदेश: 'स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज़' में ईरानी ताकत को कुचल दो
जॉर्डन में हुए इस बड़े नुकसान के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने शाम 6 बजे (ET) से ईरान पर चौतरफा हवाई हमले शुरू कर दिए। CENTCOM ने कहा कि यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बलों को अमेरिकी सैनिकों पर किए गए हमले की तुरंत सजा देने और दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग 'स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज़' में वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह से तबाह करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
खामेनेई और मोहसेन रेजाई की खुली धमकी, फुल-स्केल युद्ध का एलान
तबाही की इन लपटों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजताबा खामेनेई ने एक्स (X) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षरों को एक बार फिर "रद्दी और बेअसर" बताते हुए कहा कि 'महान शैतान' (अमेरिका) ने अपनी धोखेबाज़ फितरत दोबारा दिखा दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान का 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' अब अमेरिका को कभी न भूलने वाला सबक सिखाएगा।
वहीं, मोजताबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मेजर जनरल मोहसेन रेजाई ने मामले को और गंभीर बनाते हुए खुलेआम एलान कर दिया है कि अगर अमेरिकी हमले अगले कुछ दिनों तक जारी रहे, तो ईरान अब सिर्फ जवाबी या जैसे को तैसा (Retaliatory) कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका के खिलाफ "फुल-स्केल ऑफेंसिव ऑपरेशन्स" (पूर्ण पैमाने पर आक्रामक युद्ध) की शुरुआत कर देगा। इस बयान के बाद पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई चेन ठप होने और वैश्विक आर्थिक महासंकट का खतरा चरम पर पहुंच गया है।
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