अमेरिका का लगातार छठी रात ईरान पर हमला, बंदर अब्बास फिर बना निशाना
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अमेरिका का लगातार छठी रात ईरान पर हमला, बंदर अब्बास फिर बना निशाना

अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान के बंदर अब्बास पर मिसाइल हमले किए। व्हाइट हाउस का दावा है कि भारी नुकसान के बाद ईरान समझौते के लिए अमेरिका से संपर्क कर रहा है।


अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने गुरुवार को लगातार छठी रात ईरान पर नए हवाई और मिसाइल हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई के बीच व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि भारी नुकसान झेलने के बाद ईरान कूटनीतिक बातचीत के जरिए अमेरिका के साथ समझौता करने की कोशिश कर रहा है।

बंदर अब्बास पर फिर हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गुरुवार दोपहर 2 बजे (ईस्टर्न टाइम) से शुरू किए गए सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना था। इस अभियान के तहत दक्षिणी ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और उसके आसपास के इलाकों को निशाना बनाया गया।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, हमलों के बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि एक संचार टावर भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भी पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित इस रणनीतिक बंदरगाह क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइलें गिरी हैं।

रिहायशी इलाके भी प्रभावित

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हमलों की चपेट में बंदर अब्बास का एक आवासीय इलाका भी आ गया। इस हमले में कम से कम सात लोग घायल हुए हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।

CENTCOM ने क्या कहा?

अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई ईरान के सैन्य ठिकानों और उसकी रक्षा क्षमताओं को निशाना बनाकर की गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और क्षेत्र में संभावित खतरों को कम करना है।

व्हाइट हाउस का बड़ा दावा

सैन्य हमलों के कुछ घंटे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक संपर्कों का संकेत दिया। उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि ईरान लगातार अमेरिका के संपर्क में है और समझौते की इच्छा जता रहा है।लेविट ने कहा, "ईरान लगातार अमेरिका से बातचीत कर रहा है और हमारे साथ एक समझौता करने की इच्छा जता रहा है, क्योंकि हमारी सैन्य कार्रवाई के कारण उसे भारी और विनाशकारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।"

सैन्य कार्रवाई के बीच कूटनीति

लगातार जारी सैन्य हमलों और बढ़ते तनाव के बावजूद व्हाइट हाउस का यह दावा संकेत देता है कि दोनों देशों के बीच बैक-चैनल कूटनीतिक वार्ता पूरी तरह बंद नहीं हुई है। हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर है कि क्या जारी संघर्ष के बीच कूटनीतिक प्रयास किसी संभावित समझौते का रास्ता खोल पाएंगे।

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