
EVM में आग से लेकर मंत्री के तंज तक; देश की 3 बड़ी राजनीतिक खबरें
बंगाल में 4000 EVM जलने पर विपक्ष का हंगामा; यूपी में बीजेपी पर बरसे अखिलेश यादव और राजस्थान में प्रसूताओं की किडनी फेल होने पर स्वास्थ्य मंत्री का विवादित बयान.
Khabren Superfast: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ठीक बाद करीब 4,000 EVM के आग में नष्ट होने की खबर ने देश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है. तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले को लेकर सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
विपक्ष का सबसे बड़ा सवाल: विपक्ष का पूछना है कि कड़ी सुरक्षा के बीच इतनी बड़ी संख्या में ईवीएम एक साथ आग की चपेट में कैसे आ गईं? क्या संबंधित अधिकारियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया था?
पारदर्शिता की मांग: विपक्ष का कहना है कि यह मामला केवल मशीनों के नुकसान का नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया पर जनता के भरोसे का है, इसलिए इसकी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए.
प्रशासन का स्टैंड: चुनाव आयोग और प्रशासन का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच जरूरी है. इसके पीछे तकनीकी या भंडारण संबंधी कारण भी हो सकते हैं.
2. मिशन UP से पहले अखिलेश का मास्टरस्ट्रोक: 'देश में वोटों की लूट चालू है'
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी पर 'वोटों की लूट' का आरोप लगाकर सियासी पारा गर्म कर दिया है. अखिलेश यादव ने दोटूक कहा कि अगर चुनावों में यह कथित 'लूट और बेईमानी' का सिलसिला नहीं रुका, तो देश से लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जाएगी.
राज्यों का दिया उदाहरण: सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि पहले बिहार में चुनाव लूटे गए, फिर बंगाल में खुलेआम बेईमानी की गई और अब यही ख़तरनाक खेल उत्तर प्रदेश में खेलने की तैयारी चल रही है.
परिसीमन पर उठाए सवाल: अखिलेश ने महिला आरक्षण बिल के साथ जुड़ने वाले परिसीमन (Delimitation) के प्रस्ताव को लेकर बीजेपी की नीयत पर सवाल उठाया. विपक्ष को डर है कि सत्ता पक्ष अपने राजनीतिक समीकरणों को फिट करने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर खेल शुरू होने से पहले ही पिच को अपने हिसाब से ढाल रहा है.
बीजेपी का पलटवार: बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी हार के डर से पहले ही चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर कीचड़ उछाल रहा है.
3. राजस्थान से शर्मनाक रिपोर्ट: 5 प्रसूताओं की किडनी फेल, पूछने पर मंत्री बोले - 'क्या नाचती हुई आई थीं?'
बीकानेर/जयपुर: बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल में प्रसव के बाद पांच महिलाओं की अचानक किडनी फेल होने की घटना ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है. लेकिन इस समय सूबे में इलाज से ज्यादा चर्चा स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के उस बयान की हो रही है, जिसने संवेदनशीलता की उम्मीद रखने वालों को पूरी तरह निराश कर दिया.
भाषा की मर्यादा भूले मंत्री: पत्रकारों ने जब सीधा सवाल पूछा कि पांच अलग-अलग महिलाओं में डिलीवरी के कुछ ही घंटों के भीतर एक जैसे लक्षण क्यों दिखाई दिए? क्या इलाज, दवाओं या अस्पताल प्रशासन में कोई चूक हुई?
मंत्री जी का गैर-जिम्मेदार जवाब: इस गंभीर मामले पर जवाबदेही तय करने या जांच का भरोसा देने के बजाय मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पलटकर तंज कसते हुए कहा - "कि वो नाचती हुई आई थीं क्या?"
जनता में आक्रोश: जो महिलाएं जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं, उनके लिए एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की ऐसी भाषा पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं. अगर दवाओं में मिलावट नहीं थी और डॉक्टरों से चूक नहीं हुई, तो पांचों महिलाओं की किडनी एक साथ फेल कैसे हुई? जनता अब तंज नहीं, बल्कि इस बदहवास सिस्टम पर ठोस जवाब मांग रही है.
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