ट्विशा शर्मा केस में बड़ा खेल ! क्या भोपाल पुलिस की तरफ से हुई बड़ी चूक

21 May 2026 4:09 PM IST

भोपाल की ट्विशा शर्मा केस का आरोपी समर्थ सिंह पुलिस गिरफ्त से बाहर है। ट्विशा के परिवार का कहना है आरोपी का नाता रसूखदार परिवार से है, इस वजह से लीपापोती की जा रही है।

अगर भोपाल की ट्विशा शर्मा के शरीर पर चोटों के निशान थे तो पुलिस शुरुआत से आत्महत्या की थ्योरी पर क्यों अड़ी रही? जब आरोपी शुरुआती जांच में संदिग्ध था तो उसे तुरंत हिरासत में क्यों नहीं लिया गया? क्या शुरुआती घंटों में पुलिस की लापरवाही ने आरोपी को भागने का मौका दिया? क्या किसी रसूखदार के दबाव में जांच की दिशा तय की गई? क्या अगर पीड़िता किसी प्रभावशाली परिवार से होती, तब भी जांच इतनी धीमी होती?

मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार है, पड़ोसी राज्यों में भी बीजेपी की सरकारें हैं। आरोपी की मां रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह खुद सरकारी पद पर हैं फिर सवाल उठता है कि आखिर समर्थ सिंह अब तक सिस्टम की पकड़ से बाहर कैसे है? बीजेपी सरकार बेटियों की सुरक्षा, दहेज हत्या के खिलाफ सख्ती और बेटी बचाओ जैसे अभियान चलाने का दावा करती है, लेकिन ट्विशा केस में परिवार इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है। सबसे बड़ा सवाल, ट्विशा केस में नामजद होने के बावजूद गिरिबाला सिंह को इतनी जल्दी अग्रिम जमानत कैसे मिल गई? क्या पुलिस ने अदालत में केस को उतनी मजबूती से रखा ही नहीं, या फिर कहीं न कहीं सिस्टम का प्रभाव जांच पर भारी पड़ता।

ट्विशा शर्मा की मौत अब सिर्फ संदिग्ध मौत का मामला नहीं रह गया है। यह केस धीरे-धीरे पुलिस ऐक्शन, रसूखदार लोगों की पहुंच, जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता और सिस्टम की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। एक तरफ पुलिस शुरुआत से इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, दूसरी तरफ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के कई निशान मिलने की बात सामने आई। परिवार लगातार हत्या की आशंका जता रहा है। आरोपी समर्थ सिंह घटना के बाद फरार है। SIT बन गई, इनाम बढ़ा दिया गया, लुक आउट नोटिस जारी हो गया, लेकिन सवाल वही है — अगर मामला इतना गंभीर था तो आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों है?

भोपाल पुलिस ने शुरुआती ब्रीफिंग में बताया कि मामला सुसाइड का लग रहा है। लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलीं मामला उलझता गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई। परिवार ने हत्या की आशंका जताई। आरोपी समर्थ सिंह फरार हो गया। पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगने लगे। और यहीं से यह केस सिर्फ एक मौत नहीं बल्कि सिस्टम पर सवाल बन गया। यहां पर हम पुलिसिया चूक के बारे में बताएंगे।