
राजपथ: राम मंदिर दान घोटाला, बिहार एनकाउंटर और बंगाल में अंडा विवाद
राम मंदिर में 42 दिन में 70 बार चोरी की पूरी इनसाइड स्टोरी। चंपत राय-अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर चुप्पी; बिहार एनकाउंटर और बंगाल मिड-डे मील विवाद।
Rajpath: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब वहां से आई एक बेहद चौंकाने वाली खबर ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर चढ़ावे और दान में बड़े स्तर पर हेराफेरी और 'महा डकैती' का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद देश की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है।
'द फेडरल देश' के मुख्य शो 'राजपथ' में होस्ट प्रदीप सहगल ने इस पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी और इसके साथ ही बिहार के विवादास्पद भोजपुर एनकाउंटर व बंगाल की मिड-डे मील सियासत पर एक विस्तृत और खोजी रिपोर्ट सामने रखी है।
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: क्या है पूरा मामला?
शो 'राजपथ' के विश्लेषण के मुताबिक, रामलला के दरबार में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान प्रबंधन में भारी गड़बड़ी पाई गई है:
200 किलो चांदी गायब: ट्रस्ट के खजाने और लॉकर से लगभग 200 किलोग्राम चांदी और कई महत्वपूर्ण दान रसीदें रहस्यमय तरीके से गायब हो चुकी हैं।
पहली FIR और गिरफ्तारियां: इस चढ़ावा चोरी कांड को लेकर अयोध्या पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहली एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मामले में टिन्नू यादव सहित 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
SIT की रिपोर्ट और इस्तीफे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित की गई एसआईटी (SIT) ने इस मामले में अपनी पहली गोपनीय रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट आते ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल प्रभाव से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
विपक्ष का तीखा हमला: "मगरमच्छों को बचा रही है सरकार"
इस खुलासे के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और ट्रस्ट को आड़े हाथों लिया है। शो 'राजपथ' में विपक्षी नेताओं के बयानों को प्रमुखता से दिखाया गया:
"यह रामलला के दरबार में हुई महा डकैती है। पुलिस केवल ट्रस्ट के छोटे कर्मचारियों (छोटी मछलियों) को मोहरा बनाकर गिरफ्तार कर रही है, जबकि असली मगरमच्छों (बड़े पदाधिकारियों) को पर्दे के पीछे बचाने की कोशिश की जा रही है।"
— समाजवादी पार्टी और कांग्रेस प्रवक्ताओं का साझा आरोप
वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी रामलला के दर्शन करने के बाद इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
दूसरा बड़ा मुद्दा: बिहार का 'भोजपुर एनकाउंटर' बना विपक्ष का हथियार
शो 'राजपथ' में सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि बिहार की कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल उठाया गया है। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अचानक पुलिस एनकाउंटर्स की बाढ़ आ गई है, जिसे लेकर विपक्ष ने नीतीश सरकार को घेरा है।
फर्जी मुठभेड़ का आरोप: हाल ही में हुए भोजपुर एनकाउंटर को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और अन्य विपक्षी दलों ने पूरी तरह 'फर्जी' करार दिया है।
STF पर सीधे सवाल: आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार पुलिस और एसटीएफ (STF) के एडीजी कुंदन कृष्ण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतक भरत भूषण तिवारी के पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि यह एक सोची-समझी हत्या है और अब इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग पर अड़ गया है।
तीसरा मुद्दा: पश्चिम बंगाल के मिड-डे मील से अंडा गायब होने पर बवाल
शो के आखिरी हिस्से में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक नए फैसले पर छिड़ी राजनीतिक जंग का विश्लेषण किया गया।
बच्चों की थाली से छीना अंडा: ममता सरकार ने सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील प्रबंधन की जिम्मेदारी इस्कॉन (ISKCON) को सौंपने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मिड-डे मील के मेन्यू से अंडे को बाहर कर दिया गया है।
बीजेपी का पलटवार: पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों की तरह शाकाहारी भोजन थोपने के नाम पर बंगाल के गरीब बच्चों के पोषण के अधिकार से समझौता किया जा रही है। बच्चों की भोजन संबंधी आदतों पर सरकार को अपनी मर्जी नहीं थोपनी चाहिए।
चाहे वह अयोध्या में आस्था के नाम पर हुआ बड़ा वित्तीय घोटाला हो, बिहार में पुलिसिया कार्रवाई पर उठते सवाल हों, या फिर बंगाल में बच्चों के निवाले पर होती राजनीति - 'राजपथ' शो में प्रदीप सहगल का यह विश्लेषण साफ करता है कि आने वाले दिनों में ये तीनों ही मुद्दे देश की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाले हैं।
Next Story

