गोल्ड-सिल्वर प्राइस क्रैश: निवेश का महा-अवसर, दिवाली तक बड़ी तेजी का अनुमान
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गोल्ड-सिल्वर प्राइस क्रैश: निवेश का महा-अवसर, दिवाली तक बड़ी तेजी का अनुमान

कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट पैनिक का नहीं बल्कि गोल्ड एसआईपी (SIP) और खरीदारी का सबसे सही मौका है।


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Janpath : यदि आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, या जनवरी की ऐतिहासिक तेजी के दौरान बाजार में एंट्री करने से चूक गए थे, तो आपके लिए इससे बड़ी खुशखबरी नहीं हो सकती। वैश्विक समीकरणों में आए बदलाव के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट असल में कोई मंदी नहीं, बल्कि आम निवेशकों के लिए मुनाफा कमाने का एक 'महा-अवसर' (गोल्डन चांस) है।


'द फेडरल देश' के बेहद लोकप्रिय और विश्वसनीय शो 'जनपथ' में सीनियर एंकर मनीष कुमार के साथ एक विशेष चर्चा के दौरान, देश के जाने-माने कमोडिटी एक्सपर्ट और सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने बाजार के मौजूदा मूड को डिकोड किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पैनिक (घबराने) का नहीं, बल्कि सूझबूझ से अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करने का समय है।


कीमतों में गिरावट की इनसाइड स्टोरी: क्यों आया यह बड़ा डिस्काउंट?
शो 'जनपथ' में जब एंकर मनीष कुमार ने एक्सपर्ट से पूछा कि आखिर अचानक ऐसा क्या बदल गया कि सोने और चांदी की कीमतें इस तरह क्रैश कर गईं, तो अनुज गुप्ता ने इसके पीछे के तार्किक और सकारात्मक कारणों को सामने रखा:

ग्लोबल वॉर प्रीमियम का खात्मा: पश्चिम एशिया (यूएस-इरान) के बीच गहराया युद्ध का संकट अब टल चुका है। इसके साथ ही रूस-यूक्रेन विवाद के भी शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीदें बढ़ गई हैं। युद्ध के समय जो 'रिस्क प्रीमियम' कीमतों में जुड़ा था, वह अब पूरी तरह साफ हो चुका है, जिससे कीमतें अपने वास्तविक और आकर्षक स्तर पर आ गई हैं।

सप्लाई लाइन्स हुईं बहाल: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने से जहाजों की आवाजाही सामान्य हो गई है। वैश्विक स्तर पर बंद पड़ी माइनिंग (खनन) दोबारा शुरू होने से बाजार में मेटल की सप्लाई बढ़ गई है, जो सीधे तौर पर खरीदारों के हक में है।

क्रूड ऑयल का प्री-वॉर लेवल पर आना: कमोडिटी मार्केट का अगुआ माने जाने वाला कच्चा तेल (Crude Oil) जो युद्ध के दौरान $120 के पार चला गया था, वह अब ओपेक प्लस देशों और यूएई द्वारा प्रोडक्शन बढ़ाए जाने के कारण वापस मार्च वाले निचले स्तर पर आ चुका है।

निवेश की 'मास्टर स्ट्रेटेजी': एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अचूक टिप्स
एंकर मनीष कुमार के इस सवाल पर कि आम उपभोक्ताओं और फेंस पर बैठे निवेशकों को इस मौके को कैसे भुनाना चाहिए, एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने शानदार निवेश मंत्र दिए:

'बाय ऑन डिप्स' और SIP का फॉर्मूला: बाजार में एकमुश्त (Lump sum) पैसा फंसाने के बजाय हर छोटी-बड़ी गिरावट पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सोना-चांदी खरीदें। इसे आप गोल्ड एसआईपी (SIP) की तरह समझ सकते हैं, जो लॉन्ग टर्म में एवरेजिंग का जबरदस्त फायदा देती है।

फिजिकल के साथ डिजिटल का तड़का: पारंपरिक तौर पर शादियों या त्योहारों के लिए फिजिकल गोल्ड खरीदना तो हमेशा से पसंदीदा रहा है, लेकिन विशुद्ध निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ (ETF) और म्यूचुअल फंड सबसे सुरक्षित और आसान माध्यम हैं। इन्हें डीमैट अकाउंट में रखना बेहद आसान है और इनमें मेकिंग चार्ज या शुद्धता का कोई झंझट नहीं होता।

खुशखबरी: दिवाली और धनतेरस पर दिखेगा 'रॉकेट रन-अप'!
सस्ती कीमतों का यह दौर हमेशा नहीं रहने वाला है। शो के दौरान एक्सपर्ट ने जो टाइमलाइन साझा की, वह निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली है।

"अगले 15 दिनों से लेकर एक महीने तक बाजार इसी कंसोलिडेशन ज़ोन (स्थिरता) में रहेगा। यहां से और बड़ी गिरावट की गुंजाइश न के बराबर है। लेकिन याद रखिए, अगले दो महीनों में देश में फेस्टिव सीजन की धमाकेदार शुरुआत होने जा रही है। इस साल नवंबर में दिवाली और धनतेरस के आते-आते सोने-चांदी की घरेलू मांग में अभूतपूर्व उछाल आएगा।"
— अनुज गुप्ता, कमोडिटी मामलों के विशेषज्ञ

एक्सपर्ट का अनुमान है कि त्योहारी मांग और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बहुत ज्यादा आक्रामक बढ़ोतरी न किए जाने की संभावनाओं के चलते, दिवाली तक सोने और चांदी में एक बार फिर शार्प रन-अप (बड़ी तेजी) देखने को मिलेगी। चांदी के दोबारा अपने पुराने तेवर दिखाते हुए आगे बड़े स्तरों को छूने की उम्मीद है।

'जनपथ' का निष्कर्ष:
यदि आप आने वाले त्योहारी सीजन या शादियों के लिए खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो दिवाली की महंगी कीमतों का इंतजार करने के बजाय, मौजूदा 'डिस्काउंट' का फायदा उठाइए। बाजार आपको सज-धजकर एंट्री करने का न्योता दे रहा है!


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