नीट पेपर लीक पर विपक्ष एकजुट; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग

8 Jun 2026 8:35 PM IST

'द फेडरल देश' में मनीष कुमार और पुनीत निकोलस यादव ने किया इंडिया ब्लॉक की नई रणनीति, सीजेआई को चिट्ठी और क्षेत्रीय राजनीति के संकट का सटीक विश्लेषण।

India Block: देश की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था में चल रहे बड़े संकटों के बीच विपक्षी गठबंधन 'इंडिया ब्लॉक' ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर सरकार को घेरने की साझा रणनीति तैयार की है। इस रणनीतिक महाबैठक के तुरंत बाद, डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'द फेडरल देश' के विशेष राजनीतिक शो में रिपोर्टर मनीष कुमार ने 'द फेडरल' के पॉलिटिकल एडिटर पुनीत निकोलस यादव के साथ विस्तृत चर्चा की। इस चर्चा के दौरान पुनीत निकोलस ने बैठक के भीतर की इनसाइड स्टोरी, विपक्ष के पांच बड़े एजेंडों और क्षेत्रीय पार्टियों के सामने खड़े अस्तित्व के संकट का बारीकी से विश्लेषण किया।


बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा घोषित किए गए पांच बिंदुओं को आधार बनाकर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:



शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर विपक्ष का चौतरफा हमला

चर्चा के दौरान मनीष कुमार ने जब सड़कों पर विपक्ष की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल उठाया, तो पुनीत निकोलस यादव ने स्पष्ट किया कि विपक्ष और उसके विभिन्न छात्र संगठन (जैसे एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, एसएफआई और आईसा) लगातार देशव्यापी प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष ने हाल ही में हुए नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। गठबंधन ने देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की माँग की है। कुरुक्षेत्र से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक हुए इन प्रदर्शनों में छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिला है, जहाँ पुलिस को लाठीचार्ज और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा।


चुनावी प्रक्रिया पर सवाल: मुख्य न्यायाधीश (CJI) को लिखी जाएगी चिट्ठीगठबंधन ने चुनावी मतगणना और वोटिंग प्रक्रियाओं में आ रही तकनीकी व प्रशासनिक गड़बड़ियों (SIR मामलों) को लेकर देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक आधिकारिक पत्र लिखने का निर्णय लिया है। पुनीत निकोलस ने शो में विश्लेषण करते हुए बताया कि चूंकि विपक्ष देश के लगभग $60-%$ वोट शेयर और आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी चिंताओं को एक अपील के तौर पर रखना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ पहले से ही महाभियोग (Impeachment) के नोटिस की स्थितियों को देखते हुए, विपक्ष ने सीधे न्यायपालिका का रुख करने की रणनीति अपनाई है।


सोनिया गांधी की मौजूदगी और आंतरिक मनमुटाव दूर करने की कोशिश

बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की उपस्थिति को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुनीत निकोलस ने बताया कि पिछले कुछ समय से गठबंधन के सहयोगी दलों (जैसे वामपंथी दल, समाजवादी पार्टी और जेएमएम) के बीच कांग्रेस की कार्यशैली को लेकर कुछ आंतरिक मतभेद उभरकर सामने आए थे, जिसे शांत करने में सोनिया गांधी के व्यक्तिगत और कद्दावर कद की वजह से मदद मिली। उनके ठीक बगल में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैठी नजर आईं, जो इन दिनों अपनी पार्टी में चल रही राजनीतिक हलचलों और संभावित विभाजन की चुनौतियों से जूझ रही हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को अपनी बात रखने का विशेष मौका दिया गया।



'हैदराबाद रीस्टार्ट': अब हर दो महीने में होगी अनिवार्य बैठक

अक्सर विपक्ष पर यह आरोप लगता रहा है कि उनके बीच केवल संसद सत्र या चुनावों के वक्त ही तालमेल दिखता है। इस कमी को दूर करने के लिए इंडिया ब्लॉक ने एक बड़ा और सकारात्मक संगठनात्मक फैसला लिया है। अब गठबंधन के सभी घटक दल जमीनी स्तर पर समन्वय बनाए रखने के लिए हर दो महीने में एक बार अनिवार्य रूप से बैठक करेंगे। इस सिलसिले की अगली बड़ी बैठक अगस्त 2026 में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी, जिसमें आगामी राज्यों के चुनावों और सीट-बंटवारे को लेकर ठोस नीतियां तय की जाएंगी।