
यूपी में कांग्रेस-सपा में घमासान, मसूद की अखिलेश को चुनौती
यूपी चुनाव से पहले 'इंडिया' गठबंधन में रार; इमरान मसूद ने दी अकेले लड़ने की चुनौती, सपा प्रवक्ता सर्वेश त्रिपाठी और कांग्रेस के संजीव सिंह ने दी सफाई।
UP Politics Congress Vs Samajwadi Party: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'द फेडरल देश' के कार्यक्रम निष्पक्ष पर वरिष्ठ पत्रकार नीलू व्यास के साथ चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने गठबंधन के भीतर मचे नए सियासी घमासान पर अपना-अपना पक्ष रखा.
मुसलमानों की अनदेखी का आरोप और इमरान मसूद के तीखे तेवर
इस पूरे राजनीतिक विवाद की शुरुआत सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के एक बेहद आक्रामक बयान से हुई. इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की राजनीति पर सीधे सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि देश और प्रदेश में मुसलमानों पर हो रहे कथित अत्याचारों और मस्जिदों पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाइयों पर सपा प्रमुख ने 'रहस्यमयी खामोशी' अख्तियार कर रखी है. इसके साथ ही मसूद ने अखिलेश यादव को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्हें कांग्रेस कमजोर लगती है, तो वे उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़कर अपनी ताकत देख लें.
कांग्रेस की सफाई: "यह इमरान मसूद का व्यक्तिगत बयान है"
इस तीखे बयान पर सफाई देने के लिए कांग्रेस के प्रवक्ता संजीव सिंह सामने आए. उन्होंने डिबेट में स्पष्ट किया कि इमरान मसूद का यह बयान पूरी तरह से उनका व्यक्तिगत नज़रिया है और इसे कांग्रेस पार्टी की 'पार्टी लाइन' नहीं माना जाना चाहिए. संजीव सिंह ने कहा:
"राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच शीर्ष स्तर पर बेहतरीन समन्वय और संवाद चल रहा है. 2024 के लोकसभा चुनावों में दोनों पार्टियों ने मिलकर शानदार प्रदर्शन किया था और गठबंधन पूरी तरह सुरक्षित है."
हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि क्षेत्रीय दलों को कांग्रेस के राष्ट्रीय और लोकतांत्रिक स्वरूप को समझना होगा, क्योंकि वर्तमान में भाजपा लगातार क्षेत्रीय दलों के अस्तित्व को ही खत्म करने की राजनीति कर रही है.
समाजवादी पार्टी का रुख: "यह बयान मोमेंटम खराब करने वाला"
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सर्वेश त्रिपाठी ने अखिलेश यादव के पूर्व के बयानों का बचाव करते हुए कहा कि सपा प्रमुख का इरादा हमेशा गठबंधन को मजबूत करने का रहा है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि जमीनी स्तर पर दोनों ही दल सभी सीटों पर अपनी पूरी तैयारी रखें. सर्वेश त्रिपाठी ने इमरान मसूद के बयान पर पलटवार करते हुए कहा:
"उत्तर प्रदेश में आगामी चुनाव 'जनता बनाम सरकार' का है. ऐसे बड़े उद्देश्य के सामने किसी भी नेता को अपने व्यक्तिगत 'ईगो क्लैश' या बयानबाजी से विपक्ष के मोमेंटम को कमजोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसी फूट का सीधा फायदा सिर्फ और सिर्फ भाजपा को ही पहुंचेगा."
इस पूरी चर्चा से यह साफ है कि भले ही शीर्ष स्तर पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच सब कुछ ठीक होने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन धरातल पर सीटों के तालमेल, सांगठनिक मजबूती और मुस्लिम वोट बैंक पर वर्चस्व को लेकर दोनों पार्टियों के स्थानीय नेताओं के बीच खींचतान और अविश्वास की खाई गहरी होती जा रही है.
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