सपा सांसद का चार हिंदू दोस्त फॉर्मूला, राम मंदिर घोटाले पर तीखा वार
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सपा सांसद का 'चार हिंदू दोस्त' फॉर्मूला, राम मंदिर घोटाले पर तीखा वार

राम मंदिर चढ़ावा घोटाले पर समाजवादी पार्टी का बड़ा हमला, एसआईटी जांच को बताया लीपापोती, ट्रस्ट के अधिकारियों से इस्तीफे की मांग और निष्पक्ष जांच पर जोर।


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Rajpath: द फ़ेडरल देश के कार्यक्रम राजपथ में आज की तीन बड़ी ख़बरों पर चर्चा करेंगे। इस खास बुलेटिन में हम बात करेंगे देशभर की तीन सबसे बड़ी और गरमाई हुई खबरों की। बुलेटिन की पहली खबर अयोध्या राम मंदिर से है, जहाँ चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी के आरोपों ने भूचाल ला दिया है।

जहां राम मंदिर के चढ़ावे में ₹200 करोड़ से अधिक की कथित हेराफेरी के आरोपों पर घमासान मचा है। द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने मंदिर प्रबंधन सरकारी अफसरों के हाथ में सौंपने पर नाराजगी जाहिर करते हुए 'सनातन धर्म बोर्ड' बनाने की मांग दोहराई है।


सपा की मांग: "सीबीआई जांच या रिटायर्ड जजों की निगरानी"
समाजवादी पार्टी ने यूपी सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को खारिज करते हुए इसे 'लीपापोती का जरिया' बताया है। सपा का तर्क है कि जिस एसआईटी का गठन किया गया है, उसके अधिकारियों का पिछला रिकॉर्ड सवालों के घेरे में रहा है। पार्टी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे तुरंत सीबीआई को सौंपा जाए या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जजों की एक कमेटी इसकी निगरानी करे। सपा ने आरोप लगाया है कि एसआईटी का गठन सिर्फ जनता के गुस्से को शांत करने और रसूखदार लोगों को बचाने के लिए किया गया है।

दूसरी बड़ी खबर: सपा सांसद का 'चार हिंदू दोस्त' वाला फॉर्मूला
मुरादाबाद सांसद जावेद अली खान के बयान पर मची सियासी खलबली
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने अपने मुस्लिम कार्यकर्ताओं को 'चार-चार हिंदू दोस्त' बनाने की नसीहत दी है। इस सलाह को बीजेपी ने इसे वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण का नया फॉर्मूला करार देते हुए तीखा हमला बोला है। वहीं, समाजवादी पार्टी इसे सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश बता रही है। क्या यह वास्तव में सामाजिक एकता का प्रयास है या 2027 के चुनाव से पहले बुना गया कोई नया चुनावी गणित?

तीसरी बड़ी खबर: NEET-UG 2026 और टेलीग्राम पर बैन
करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर, क्या डिजिटल प्रतिबंध है समाधान?
देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े NEET-UG 2026 री-एग्जाम को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जांच एजेंसियों के इनपुट के बाद सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है और इसके मैसेज एडिट फीचर को ब्लॉक कर दिया है। सरकार का दावा है कि ठग इस ऐप के जरिए पेपर लीक की अफवाहें फैलाकर छात्रों को गुमराह कर रहे थे। हालांकि, अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कुछ असामाजिक तत्वों की करतूतों की सज़ा देश के लाखों ईमानदार छात्रों को भुगतनी चाहिए?


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