ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमला; 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत
x

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमला; 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास कमर्शियल जहाज 'सेटेबेलो' को अमेरिकी नौसेना ने बनाया निशाना. भारत ने जताई कड़ी आपत्ति; कहा तुरंत बंद हों वाणिज्यिक जहाजों पर हमले.


Click the Play button to hear this message in audio format

Strait Of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य युद्ध के बीच ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) से एक बेहद विचलित करने वाली और बड़ी खबर सामने आई है. ओमान के तट पर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के पास से गुजर रहे पलाऊ के झंडे वाले एक वाणिज्यिक तेल टैंकर 'सेटेबेलो' पर अमेरिकी नौसेना ने घातक हमला कर दिया है. केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि इस अमेरिकी हमले में जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिनके पहले लापता होने की खबर थी.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेनाओं ने इस तेल टैंकर पर हमला इस आरोप के बाद किया कि यह जहाज ईरानी तेल पर लगी अंतरराष्ट्रीय नाकेबंदी का खुला उल्लंघन कर रहा था. हमले के वक्त इस कमर्शियल जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय नागरिक थे. भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है. राहत की बात यह है कि भारतीय राजनयिकों के प्रयासों के बाद जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रेस्क्यू (निकाल) कर लिया गया है.

शहीद हुए भारतीय नाविकों की हुई पहचान; मैनेजमेंट कंपनी का संपर्क टूटा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की इस खतरनाक जंग की चपेट में आकर जान गंवाने वाले तीनों भारतीय नाविकों की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक कर दी गई है:

आदित्य शर्मा (डेक कैडेट)

शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर)

पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर)

जहाज का संचालन करने वाली मैनेजमेंट कंपनी ने बताया है कि अमेरिकी हमले के बाद से ही उन्हें जहाज पर मौजूद बाकी नाविकों और विदेशी नागरिकों के साथ संपर्क साधने में भारी दिक्कतों और तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. इस जहाज पर 24 भारतीयों के अलावा 4 विदेशी नागरिक भी सवार थे, जिनमें दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी नागरिक शामिल हैं.


'मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द वापस लाए जाएंगे' केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 'X' पर व्यक्त किया दुख

इस दुखद हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है. उन्होंने लिखा:

"पलाऊ के ध्वज वाले एमटी 'सेटेबेलो' पोत पर हुई इस दुखद घटना के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ है. दुर्भाग्य से, शुरुआत में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव मिलने और उनकी पहचान होने के बाद अब उनकी मृत्यु की पुष्टि हो गई है. यह हमारे समुद्री परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है. मोदी सरकार इस कठिन घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके परिजनों को हर संभव सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है."

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को इस हादसे में सुरक्षित बचाए गए चालक दल के सदस्यों को तुरंत वापस वतन लाने और मृत नाविकों के पार्थिव शरीर को उनके अंतिम संस्कार के लिए जल्द से जल्द भारत वापस भेजने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं.

'क्षेत्र में जारी संघर्ष का सीधा परिणाम' विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को दी नसीहत

इस वैश्विक सैन्य टकराव में निर्दोष भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत सरकार ने एक बेहद कड़ा और आधिकारिक बयान जारी किया. विदेश मंत्रालय ने वैश्विक स्तर पर समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा:

"हम ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत 'सेटेबेलो' पर हुए इस अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं. इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचों को लगातार निशाना बनाए जाने की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और यह वहां जारी युद्ध का सीधा परिणाम हैं. हम सभी संबंधित पक्षों से तत्काल सैन्य तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ताओं को सफल बनाने की पुरजोर अपील करते हैं."

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवागमन और वैश्विक व्यापार बहाल किया जाना चाहिए तथा नागरिक जहाजों को युद्ध का मोहरा बनाने की यह हिंसक घटनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए. वेस्ट एशिया (पश्चिम एशिया) में गहराते इस युद्ध के बीच भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने मस्कट और वाशिंगटन दोनों ही मोर्चों पर अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है.

Read More
Next Story