
ऑस्ट्रेलिया खरीदेगा जापानी मोगामी वॉरशिप, रक्षा संबंधों में नया अध्याय
ऑस्ट्रेलिया और जापान ने 6.5 अरब डॉलर के फ्रिगेट सौदे से रक्षा संबंधों को और गहरा किया है, जो नौसेना के आधुनिकीकरण, क्षेत्रीय सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है...
मेलबर्न, 18 अप्रैल (AP): ऑस्ट्रेलिया और जापान ने शनिवार को जापानी-डिज़ाइन किए गए युद्धपोतों के 10 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (6.5 अरब अमेरिकी डॉलर) के बेड़े में से पहले तीन की आपूर्ति के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें से पहले की आपूर्ति तीन साल में होनी है।
मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज जापान में पहले तीन मोगामी-क्लास फ्रिगेट का निर्माण करेगी। ऑस्ट्रेलिया की योजना पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के एक शिपयार्ड में अन्य आठ का निर्माण करने की है।
जापानी रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइज़ुमी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्लेस ने ऑस्ट्रेलियाई शहर मेलबर्न के तट पर खड़े जापान समुद्री आत्म-रक्षा बल के मोगामी-क्लास फ्रिगेट 'जेएस कुमानो' पर आयोजित एक हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया।
कुमानो ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास 'काकाडू' (Exercise Kakadu) में भाग लिया था।
ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल अगस्त में यह जानकारी दी थी कि जापानी कंपनी ने जर्मनी की 'थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स' को पीछे छोड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया के नए युद्धपोत बनाने का अनुबंध हासिल कर लिया है। साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया का पनडुब्बी बनाने का कॉन्ट्रैक्ट एक फ्रांसीसी कंपनी को मिल गया था, जिससे जापान को निराशा हाथ लगी थी। ऐसे में यह ताज़ा सौदा जापान के उभरते हुए रक्षा उद्योग के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है।
जापानी-डिज़ाइन किया गया यह बेड़ा ऑस्ट्रेलिया के पुराने होते जा रहे 'एनजैक-क्लास' (ANZAC-class) फ्रिगेट्स की जगह लेगा, जिन्हें आधुनिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के प्रति तेजी से संवेदनशील माना जा रहा है।
मार्लेस ने कहा कि जापानी फ्रिगेट ऑस्ट्रेलिया को एक बड़ा और अधिक घातक सतह युद्धक बेड़ा (surface combat fleet) प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मोगामी-क्लास के पहले फ्रिगेट के 2029 में ऑस्ट्रेलिया पहुंचने की उम्मीद है।
मार्लेस ने संवाददाताओं से कहा, "हमने जिस समयसीमा की घोषणा की है, वह रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नेवी की सेवा में किसी सतह युद्धक पोत का अब तक का सबसे तेज़ अधिग्रहण है और इसलिए यह एक बहुत ही त्वरित समयसीमा है।"
जापान अपने एकमात्र संधि सहयोगी संयुक्त राज्य अमेरिका से परे रक्षा संबंधों का विस्तार करते हुए अपने सैन्य निर्माण में तेजी ला रहा है। वह अब ऑस्ट्रेलिया को एक 'अर्ध-सहयोगी' (semi-ally) मानता है।
मार्लेस ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया "ऑस्ट्रेलिया जैसे विश्वसनीय भागीदारों" के साथ रक्षा उपकरणों और प्रौद्योगिकी पर निर्यात नियंत्रण में जापान की ढील का स्वागत करता है। मार्लेस ने कहा, "जापान एक औद्योगिक महाशक्ति है और यह ऑस्ट्रेलिया तथा हमारे अपने रक्षा उद्योग के विकास के लिए बहुत सारे अवसर प्रदान करता है, जैसा कि मोगामी परियोजना प्रदर्शित करती है।"
कोइज़ुमी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई नौसेना में जापानी जहाजों को शामिल करने का मतलब है कि "अंततः हमारे द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि इस सप्ताह घोषित नई ऑस्ट्रेलियाई रक्षा रणनीति में जापान ऑस्ट्रेलिया का "अपरिहार्य भागीदार" बना हुआ है, जिसमें एक दशक में रक्षा बजट में 53 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (38 मिलियन अमेरिकी डॉलर) जोड़े जाएंगे।
कोइज़ुमी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया द्वारा जापानी फ्रिगेट चुनने में एक "निर्णायक कारक" यह था कि इसे केवल 90 कर्मियों के साथ संचालित किया जा सकता है, जो ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान एनजैक-क्लास संस्करण के चालक दल का लगभग आधा है।
ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि उसके मोगामी-क्लास फ्रिगेट सतह से हवा में मार करने वाली और एंटी-शिप मिसाइलों से लैस होंगे और लड़ाकू हेलीकॉप्टर संचालित कर सकेंगे। इनमें 92 नाविक और अधिकारी तैनात होंगे।
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