खामेनेई का अंतिम संस्कार 6 जुलाई को, ईरान का पीएम मोदी को बुलावा
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खामेनेई का अंतिम संस्कार 6 जुलाई को, ईरान का पीएम मोदी को बुलावा

अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए तेहरान में 3 दिन की छुट्टी। 6 जुलाई को जनाजा। पीएम मोदी को बुलावा, नए सुप्रीम लीडर बने बेटे मोजतबा।


Iran invites PM Modi: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर (सर्वोच्च नेता) अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस ऐतिहासिक और संवेदनशील विदाई कार्यक्रम के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया है। अमेरिकी और इजरायली हमलों में अपनी जान गंवाने वाले अली खामेनेई के पार्थिव शरीर की अंतिम विदाई और प्रार्थना सभा के लिए राजधानी तेहरान में तीन दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की गई है। तेहरान प्रशासन को उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक जनाजे में लगभग 2 करोड़ लोग शामिल होंगे।


4 से 6 जुलाई तक तेहरान में तीन दिन की छुट्टी; यह है पूरा शेड्यूल
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर और समारोह के प्रभारी हसन हसनज़ादेह ने अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम और क्रोनोलॉजी साझा की है:

विदाई समारोह और प्रार्थना सभा (4 और 5 जुलाई): दिवंगत सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर के लिए विदाई समारोह और मुख्य प्रार्थना सभा शनिवार और रविवार को तेहरान के ऐतिहासिक 'ग्रैंड मोसाला' (Grand Mosallah) में आयोजित की जाएगी। इन दो दिनों में तेहरान प्रांत में पूरी तरह छुट्टी रहेगी।

जनाजा जुलूस और सुपुर्द-ए-खाक (6 जुलाई): सोमवार 6 जुलाई को तेहरान में विशाल जनाजा जुलूस निकाला जाएगा, जिसके चलते इस दिन देश के बाकी हिस्सों में भी सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की गई है।

अन्य शहरों में कार्यक्रम: तेहरान के बाद 7 जुलाई को पवित्र कोम (Qom) शहर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके बाद 9 जुलाई को अली खामेनेई को उनके जन्मस्थान, पूर्वोत्तर के पवित्र शहर मशहद (Mashhad) में दफनाया जाएगा। इन दोनों शहरों में भी उस दौरान छुट्टी रहेगी। पड़ोसी देश इराक में भी 8 जुलाई को विशेष विदाई समारोह निर्धारित किए गए हैं।

फरवरी में हुए अमेरिका-इजरायल के भीषण हमलों में हुई थी मौत
इस अंतिम संस्कार के इतिहास और कूटनीतिक बैकग्राउंड को लेकर भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं:

"पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार मूल रूप से मार्च के महीने में ही होना था। लेकिन फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हवाई हमलों (जिसमें हमले के पहले ही दिन खामेनेई की मौत हो गई थी) के बाद मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर जंग छिड़ गई। युद्ध के चलते पैदा हुए बेहद खराब और असुरक्षित हालातों के कारण इस कार्यक्रम को कई महीनों के लिए टालना पड़ा था।"

बेटे मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर; पर्दे के पीछे से संभाल रहे कमान
पिता की मौत के बाद ईरान के सत्ता समीकरणों में भी बड़ा बदलाव आया है, जो वैश्विक रणनीतिकारों के लिए बेहद चौंकाने वाला है:

तीसरे सर्वोच्च नेता: अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई ने मार्च 2026 की शुरुआत में ही अपने पिता की जगह ईरान के नए सुप्रीम लीडर का पद संभाल लिया था। साल 1979 में ईरान में हुई इस्लामिक क्रांति और इस्लामिक गणराज्य की स्थापना के बाद से इस सर्वोच्च पद को संभालने वाले वे इतिहास के तीसरे व्यक्ति बने हैं।

सार्वजनिक जीवन से दूरी: मोजतबा खामेनेई भी उसी भीषण अमेरिकी-इजरायली बम विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता और कई शीर्ष ईरानी अधिकारी मारे गए थे। नए सुप्रीम लीडर के तौर पर अपनी नियुक्ति के बाद से मोजतबा को एक बार भी सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। वे केवल आधिकारिक बयानों और गुप्त संदेशों के माध्यम से ही देश और सेना के साथ संवाद कर रहे हैं।

क्षेत्रीय तनाव के इस चरम दौर में ईरान द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को भेजा गया यह बुलावा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। अब पूरी दुनिया की नजरें नई दिल्ली के फैसले और 4 जुलाई से शुरू होने वाले इस विशाल विदाई कार्यक्रम पर टिकी हैं।


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