जहां हिंदुओं को निशाना बनाया गया, उसी बांग्लादेश में संसदीय चुनाव में ढाका से जीता एक हिंदू नेता
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रॉय ने ढाका-3 सीट पर अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार एमडी शाहीनुर इस्लाम को 99 हजार वोट से हराया। (photo: Gayeshwar Chandra Roy/X)

जहां हिंदुओं को निशाना बनाया गया, उसी बांग्लादेश में संसदीय चुनाव में ढाका से जीता एक हिंदू नेता

गायेश्वर चंद्र रॉयरॉय हालांकि पहले बांग्लादेश की सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं, लेकिन उनकी जीत ऐसे समय में हुई है जबकि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले बढ़े हैं।


अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय से आने वाले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी के वरिष्ठ नेता गायेश्वर चंद्र रॉय ने शुक्रवार को बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में ढाका की एक सीट पर जीत दर्ज की। रॉय ने ढाका-3 सीट 99,163 वोटों से जीती और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार एमडी शाहीनुर इस्लाम को हराया।

पूर्व राज्य मंत्री की यह जीत ऐसे समय में आई है जब देश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों के उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। दिसंबर में कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद समुदाय पर कई हमले हुए, जिनमें कुछ हमले घातक भी रहे।

भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है।

वहीं, कट्टर इस्लामी दल जमात-ए-इस्लामी द्वारा उतारे गए एकमात्र हिंदू उम्मीदवार को खुलना-1 निर्वाचन क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा। कृष्णा नंदी को चुनाव में 70,346 वोट मिले, जबकि बीएनपी उम्मीदवार आमिर एजाज खान ने 1,21,352 वोट हासिल किए।

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव से उस सरकार का चयन होगा जो मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम प्रशासन की जगह लेगी। अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद अंतरिम सरकार के सत्ता संभालने के पश्चात भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव आ गया था।

ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में बीएनपी दो दशक के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी की ओर बढ़ती दिख रही है।

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