
नेतन्याहू की गुप्त UAE यात्रा! भड़का ईरान, अब्बास अराघची की खुली धमकी
नेतन्याहू की गुपचुप UAE यात्रा पर भड़के अब्बास अराघची ने दी खुली धमकी। बोले 'ईरान से दुश्मनी बेवकूफी' इजरायल के साथ साठगांठ अक्षम्य अपराध, चुकाना होगा हर्जाना..
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE की कथित गुप्त यात्रा को लेकर, मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने इस दौरे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए UAE को सीधी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस साठगांठ को 'अक्षम्य अपराध' करार देते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ साजिश रचने वालों को इसका हिसाब देना होगा। अराघची ने दावा किया कि ईरान की खुफिया एजेंसियों को इस गुप्त यात्रा की जानकारी पहले से ही थी।
खुफिया जानकारी और अराघची का पलटवार
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, "नेतन्याहू ने अब सार्वजनिक रूप से उसी बात का खुलासा किया है, जिसकी जानकारी ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने बहुत पहले ही हमारे नेतृत्व को दे दी थी।" हालांकि, अराघची ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि अगर ईरान को इस गुप्त दौरे की जानकारी थी तो उसने इसे पहले सार्वजनिक क्यों नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के महान लोगों के खिलाफ दुश्मनी मोल लेना एक "बेवकूफी भरा जुआ" है, जिसका परिणाम गंभीर हो सकता है।
Netanyahu has now publicly revealed what Iran's security services long ago conveyed to our leadership.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) May 13, 2026
Enmity with the Great People of Iran is a foolish gamble. Collusion with Israel in doing so: unforgivable.
Those colluding with Israel to sow division will be held to account.
साठगांठ को बताया 'अक्षम्य अपराध'
अराघची ने अपने बयान में इजरायल और UAE के बीच बढ़ते तालमेल पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ क्षेत्रीय फूट डालने के लिए इजरायल का साथ देना एक ऐसा अपराध है जिसे माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने सीधे तौर पर धमकी देते हुए कहा, "जो लोग फूट डालने के लिए इजरायल के साथ साठगांठ कर रहे हैं, उन्हें भविष्य में इसका हिसाब देना होगा।" यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान को अलग-थलग करने का अभियान काफी तेज हो चुका है।
नेतन्याहू का दावा और यात्रा का विवरण
विवाद की शुरुआत तब हुई जब इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि ईरान के खिलाफ युद्ध की रणनीतियों के बीच नेतन्याहू ने UAE का एक गुप्त दौरा किया था और वहां के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जाएद (MBZ) से मुलाकात की थी। इजरायल ने इसे दोनों देशों के संबंधों में एक 'ऐतिहासिक सफलता' बताया। हालांकि, आधिकारिक बयान में तारीख का जिक्र नहीं था, लेकिन रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मुलाकात 26 मार्च को ओमान सीमा के पास स्थित अल ऐन शहर में हुई थी।
UAE ने दावों को किया सिरे से खारिज
एक तरफ जहां इजरायल और ईरान इस दौरे को लेकर आमने-सामने हैं, वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने ऐसी किसी भी यात्रा से पूरी तरह इनकार किया है। UAE के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "हम उन सभी खबरों का खंडन करते हैं जिनमें इजरायली प्रधानमंत्री की यात्रा या UAE की जमीन पर किसी इजरायली सैन्य दल की मौजूदगी की बात कही जा रही है।" UAE ने जोर देकर कहा कि इजरायल के साथ उनके संबंध 'अब्राहम समझौते' के तहत पारदर्शी हैं और इसके लिए किसी 'बैक-चैनल' या गुप्त मुलाकातों की आवश्यकता नहीं है।

