ट्रंप की नाकेबंदी और ईरान का पलटवार, क्या 140 डॉलर पार करेगा कच्चा तेल?
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ट्रंप की नाकेबंदी और ईरान का पलटवार, क्या 140 डॉलर पार करेगा कच्चा तेल?

मिडिल ईस्ट तनाव और ट्रंप की ईरानी बंदरगाहों पर सैन्य नाकेबंदी से ब्रेंट क्रूड 126 डॉलर के पार है। ईरान ने तंज कसते हुए कहा कि कीमत 140 डॉलर के पार चली जाएगी।


मध्य पूर्व एशिया में तनाव और अमेरिका की सख्त घेराबंदी ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है। कच्चे तेल की कीमतें अब उस स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की चिंता बढ़ा दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 126.31 प्रति बैरल के पार निकल गई है, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।

ट्रंप की 'सैन्य नाकेबंदी' ने भड़काई आग

'द गार्जियन' की रिपोर्ट के अनुसार, तेल की कीमतों में इस उछाल की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाल का बयान है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका, ईरान के बंदरगाहों पर अपनी सैन्य नाकेबंदी (Military Blockade) को सख्ती से जारी रखेगा। जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी ठोस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता, तब तक यह नाकेबंदी नहीं हटाई जाएगी। इस फैसले ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक होने के कारण, यहाँ जरा सी हलचल भी वैश्विक सप्लाई चेन को अनिश्चितता में डाल देती है।

ईरान ने कसा तंज

तेल की कीमतों में लगी इस आग पर ईरान ने कड़ा पलटवार किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि तेल की कीमतों का अगला पड़ाव 140 डॉलर प्रति बैरल होने जा रहा है। गालिबाफ ने ट्रम्प प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा: "ट्रंप को उनके सलाहकार गलत रास्ता दिखा रहे हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की नीतियां ही तेल की कीमतों में इस बेतहाशा इजाफे के लिए जिम्मेदार हैं।"

युद्ध की कीमत

एक तरफ तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका इस संघर्ष में पानी की तरह पैसा बहा रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) के वरिष्ठ अधिकारी जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट ने संसद की 'आर्म्ड सर्विसेज कमेटी' को चौंकाने वाले आंकड़े दिए हैं। पिछले 2 महीनों में अमेरिका ईरान युद्ध पर 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। इस भारी-भरकम राशि का बड़ा हिस्सा उन्नत हथियारों, मिसाइलों और गोला-बारूद की आपूर्ति में इस्तेमाल हुआ है।

ब्रेंट क्रूड $126 प्रति बैरल के आसपास ट्रेंड कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज के रास्ते पर तनाव कम नहीं हुआ, तो गालिबाफ की $140 वाली भविष्यवाणी सच साबित हो सकती है। यह न केवल परिवहन और मैन्युफैक्चरिंग को महंगा करेगा, बल्कि विकासशील देशों में महंगाई का नया दौर भी ला सकता है।

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