
ट्रंप बोले पीएम मोदी हैं टफ कुकी शी जिनपिंग को बताया ऑल बिजनेस
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्सियोस इंटरव्यू में पीएम नरेंद्र मोदी को 'टफ कुकी' बताया। इतिहास के तानाशाहों से खुद की ताकत की तुलना पर भी बड़ा दावा।
US President Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। फ्रांस में हुए जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को दुनिया का सबसे पसंदीदा और प्रशंसनीय नेता बताया है। ट्रंप ने जहां शी जिनपिंग को पूरी तरह काम से काम रखने वाला (All Business) नेता कहा, वहीं पीएम मोदी को बेहद मजबूत और दृढ़ इच्छाशक्ति वाला नेता बताते हुए 'ए वेरी टफ कुकी' (A Very Tough Cookie) कहकर संबोधित किया है।
G7 समिट से लौटते ही 'एक्सियोस' को दिया इंटरव्यू
80 वर्षीय अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार (18 जून 2026) को लोकप्रिय शो 'द एक्सियोस शो' (The Axios Show) में ये बातें कहीं. हाल ही में फ्रांस में संपन्न हुए जी-7 समिट को ट्रंप ने अमेरिका के लिहाज से बेहद 'दबंग और हावी' (Very Dominant) बताया. इंटरव्यू के दौरान जब उनसे दुनिया के सबसे कमजोर नेताओं का नाम पूछा गया, तो उन्होंने किसी का भी नाम लेने से साफ इनकार कर दिया।
इस दौरान ट्रंप ने जी-7 से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की गैर-मौजूदगी पर भी बात की। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के बाद रूस को बाहर किए जाने से पहले यह ग्रुप जी-8 (G8) हुआ करता था। इसके साथ ही उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा वर्साय के शाही महल (Versailles) में दिए गए रात्रिभोज का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि 'शाही वैभव' ही उनकी एकमात्र कमजोरी है।
इतिहास के सबसे शक्तिशाली शासकों से खुद की तुलना!इंटरव्यू के अलावा, न्यूयॉर्क टाइम्स के मशहूर पत्रकारों मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की जल्द आने वाली किताब 'रिजीम चेंज' (Regime Change) में डोनाल्ड ट्रंप की असीमित शक्तियों को लेकर कई हैरान करने वाले दावे किए गए हैं. तुलना का दस्तावेज: किताब के अनुसार, ट्रंप ने एक ऐसे दस्तावेज का अध्ययन किया जिसमें उनकी राजनीतिक ताकत की तुलना इतिहास के सबसे क्रूर और बड़े शासकों जैसे—अटिला द हुन, चंगेज खान, नेपोलियन, जोसेफ स्टालिन, माओ त्से तुंग और एडॉल्फ हिटलर से की गई थी।दस्तावेज की सच्चाई: ट्रंप ने खुद इस दस्तावेज को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर शेयर किया, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया था कि वैश्विक स्तर पर अपनी शक्ति का इस्तेमाल करने की इच्छाशक्ति के कारण ट्रंप अब तक के इतिहास के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति हैं। हालांकि, लेखकों ने खुलासा किया है कि यह दस्तावेज किसी बड़े इतिहासकार ने नहीं, बल्कि दिग्गज गोल्फर गैरी प्लेयर के एक पुराने निजी सहयोगी (कैडी) ने तैयार किया था।
'इजरायल मेरे बिना वजूद में नहीं रहता'
एक्सियोस के इंटरव्यू में ट्रंप का पुराना दबंग अंदाज भी देखने को मिला, जहां उन्होंने सत्ता और कूटनीति को 'समर्पण' के तराजू पर तौला। उन्होंने दावा किया कि जी-7 के सभी वैश्विक नेताओं ने उनके इस मजाक को स्वीकार कर लिया कि "बॉस तो मैं ही हूँ।"
इजरायल और ईरान के मुद्दे पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "आज अगर मैं न होता, तो इजरायल का कोई वजूद ही नहीं होता।" उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को अच्छा बताते हुए कहा कि हमें बस उन्हें थोड़ा शांत और संतुलित (Sane) रखने की जरूरत है। ट्रंप ने ईरान नीति को लेकर अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के आलोचकों को भी करारा जवाब दिया और कहा कि ईरान के मामले में जो नतीजा निकला है, वह किसी 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' (Unconditional Surrender) और 'रिजीम चेंज' से कम नहीं है।
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