
'अगर मैं न होता तो जेल में होते'... नेतन्याहू को ट्रंप ने सुनाई खरी-खरी
हिज्बुल्लाह पर इजरायली हमलों को लेकर ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन पर फटकार लगाई, लेकिन नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने का संकेत दिया।
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर कड़ी बातचीत की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू को हिज्बुल्लाह पर जारी हमलों को तुरंत रोकने के लिए कहा और उनकी रणनीति पर नाराजगी जताई।
न्यूयॉर्क पोस्ट और एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के दौरान ट्रंप काफी गुस्से में थे। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि उनकी मौजूदा कार्रवाइयों की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से तीखे शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की।
यह बातचीत ऐसे समय हुई जब हाल ही में इजरायल ने दक्षिणी बेरुत में कथित आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इजरायल की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ जारी वार्ताओं से पीछे हटने की चेतावनी दी थी, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।
हालांकि ट्रंप की नाराजगी के बावजूद नेतन्याहू अपने रुख पर कायम नजर आए। फोन कॉल के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यदि हिज्बुल्लाह इजरायली शहरों और नागरिकों पर हमले बंद नहीं करता, तो इजरायल बेरुत में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा।
नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगी और सुरक्षा खतरों के खिलाफ कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई यह बातचीत ऐसे समय सामने आई है जब मध्य पूर्व में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंकाएं बढ़ रही हैं तथा अमेरिका क्षेत्रीय तनाव को नियंत्रित करने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

